विधानसभा में थाली लेकर पहुंचे कांग्रेसी :भागीरथपुरा कांड पर विपक्ष ने मंत्री विजयवर्गीय-शुक्ला का इस्तीफा मांगा, हंगामे के बीच कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज (गुरुवार) चौथा दिन है. कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुवाई में विधासनभा परिसर में प्रदर्शन किया. विधायक हाथों में थाली लेकर परिसर पहुंचे. उन्होंने गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया.
विधानसभा की कार्यवाही का चौथा दिन भी हंगामेदार गुजर रहा है। कार्यवाही शुरु होने से पहले कांग्रेस ने सरकार को जमकर घेरते हुए प्रदर्शन किया। विपक्षी नेता थालियां लेकर पहुंचे और थाली बजाकर सरकार की नीतियों का विरोध किया।
भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है. आज (गुरुवार) सत्र का चौथा दिन है. कांग्रेस ने एक बार फिर विधानसभा के परिसर में प्रदर्शन किया. कांग्रेसी विधायकों ने हाथों में थाली लेकर प्रदर्शन किया. विपक्षी नेताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी आज विधानसभा पहुंचे. उन्होंने बजट पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश पर पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, इसके बाद भी सरकार लगातार कर्ज ले रही है. इस साल भी सरकार ने 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है. प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है.
झूठे और खोखले वादों” का आरोप
नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की आवाज है. उनके अनुसार, यह लड़ाई जनता के अधिकार, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी है, जिसे वे पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाते रहेंगे. विपक्षी विधायकों ने सरकार पर “झूठे और खोखले वादों” का आरोप लगाते हुए कहा कि वे विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे.
अनूपपुर कॉलेज में वित्तीय अनियमितता का मामला
अनूपपुर जिले के शासकीय स्नातक महाविद्यालय में कथित वित्तीय गड़बड़ी का मुद्दा भी सदन में गूंजेगा। कांग्रेस विधायक फुंदेलाल मार्को ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से आरोप लगाया है कि पुष्पराजगढ़ में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य द्वारा विद्यार्थियों से ली गई शुल्क राशि का दुरुपयोग किया गया। इस पर वे उच्च शिक्षा विभाग से जवाब तलब करेंगे और जांच की मांग करेंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने इससे पहले कहा कि MGNREGA खत्म होने से मध्य प्रदेश पर पड़ा 10 हज़ार करोड़ का भार ! केंद्र की भाजपा सरकार ने कांग्रेस द्वारा लाए गए 100 दिन रोज़गार योजना MGNREGA को ख़त्म कर विकसित भारत G Ram G स्कीम लाया. आज मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत बजट में 10 हज़ार करोड़ का प्रावधान किया है. यह इसलिए हुआ क्योंकि मोदी सरकार ने इस नई स्कीम के तहत खर्च का 40% भार राज्य सरकार पर डाल दिया जो MGNREGA स्कीम के तहत पूर्णतः केंद्र सरकार पर था.
उदाहरण के तौर पर, वर्ष 2024-25 में MGNREGA स्कीम के तहत ₹6791 करोड़ खर्च किए गए जिसमें केंद्र सरकार ने ₹6286 करोड़ का अनुदान प्रदेश सरकार को दिया. जबकि इस नई स्कीम के तहत खर्च का 40% हिस्सा राज्य सरकार को देना होगा. मध्य प्रदेश जिस पर पहले से 6 लाख करोड़ का कर्ज है इस साल G Ram G स्कीम के तहत 10 हज़ार करोड़ का बोझ ओर बढ़ गया. सरकार ढिंढोरा पीट रही है कि इस स्कीम के तहत 100 दिन काम के बजाए 125 काम मिलेगा. मगर सच्चाई यह है कि मध्य प्रदेश में इस स्कीम का इंप्लीमेंटेशन काफ़ी ख़राब रहा है और भ्रष्टाचार व्याप्त है.
भागीरथपुरा मौत कांड पर विपक्ष का हंगामा
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्रियों के इस्तीफे की मांग उठाई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए ऐसी चर्चा से न्यायालय की अवमानना की स्थिति बन सकती है।
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने सुझाव दिया कि सदन में बहस के बजाय संबंधित मंत्री से अलग बैठक कर चर्चा करना बेहतर होगा। पूर्व अध्यक्ष सीता शरण शर्मा ने भी कहा कि अदालत में मामला होने से सदन में चर्चा उचित नहीं।
जवाब में डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने के बाद स्थिति गंभीर हुई और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत दी गई। इस पर सिंघार ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी को मुआवजा देने और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर की घटना को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत देते हुए सदस्यों से कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया, लेकिन सिंघार अपनी मांग पर अड़े रहे और हंगामा जारी रहा।
स्थिति शांत न होने पर अध्यक्ष ने शून्यकाल की सूचनाएं पढ़ी हुई मानते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और एक आईएएस अधिकारी को निलंबित भी किया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहत कार्यों का भी उल्लेख किया गया।
विवाद बढ़ने पर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी सरकार का पक्ष रखा, लेकिन इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच सदन में जोरदार हंगामा जारी रहा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस