CM मोहन की पहल रंग लाई: युद्ध तनाव में फंसी खिलाड़ी प्रियांशी प्रजापत अल्बानिया से सुरक्षित लौटी
अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण बड़ी संख्या में भारतीय खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन की रहने वाली खिलाड़ी प्रियांशी प्रजापत भी उनमें शामिल थी उसकी सकुशल स्वदेश वापसी हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीडियो कॉल के जरिए बात कर उसका हाल जाना है।
CM मोहन ने खुद संभाली कमान, युद्ध के माहौल में फंसी खिलाड़ी प्रियांशी की अल्बानिया से वापसी
MP की प्रतिभावान पहलवान प्रियांशी प्रजापत न केवल अल्बानिया में तिरंगा लहराकर वापस लौटी हैं, बल्कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रयासों से युद्ध के साये के बीच से सुरक्षित स्वदेश पहुंच गई हैं
अर्मेनिया में कुश्ती की विश्व चैंपियनशिप खेलने गई मध्यप्रदेश से एक मात्र खिलाड़ी प्रियांशी प्रजापत पिछले चार दिनों से अमेरिका इजराइल युद्ध के कारण फंस गई थी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने खिलाड़ी को युद्ध के हालात से निकलने के लिए जरूरी प्रयास किए। सीएम ने महिला पहलवान से लाइव बात कर उसकी गुरुवार को भारत देश में वापसी करवा दी।
उज्जैन की प्रियांशी प्रजापत अर्मेनिया में 24 से 28 फरवरी तक आयोजित हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में खेलने गई थी। वे मध्य प्रदेश से एक मात्र खिलाड़ी थीं जो इस टीम का हिस्सा थीं। प्रियांशी को 1 मार्च को दुबई के रास्ते वापस भारत आना था, लेकिन दुबई में मिसाइल गिरने और युद्ध के हालत के बाद बंद हुई फ्लाइट वापसी संभव नहीं हो पा रही थी। इसके बाद प्रियांशी के पिता ने मध्य प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष नारायण यादव से सम्पर्क कर सीएम डॉ. मोहन यादव से मदद मांगी। सीएम ने तुरंत महिला खिलाड़ी प्रियांशी से ऑनलाइन बात कर हर संभव मदद की बात की। इसके बाद नया रास्ते अर्मेनिया से होते हुए तुर्की और कजाकिस्तान के रास्ते महिला खिलाड़ी को इंडिया लाया गया। गुरुवार सुबह प्रियांशी भारत पहुंच गई हैं।
मुख्यमंत्री ने की पोस्ट
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादवने सोशल मीडिया पर वीडियो कॉल का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि "अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप रैंकिंग सीरीज में शामिल सभी भारतीय खिलाड़ी सुरक्षित वापस आ रहे हैं. मध्य प्रदेश की बेटी प्रियांशी प्रजापति भी आज सुरक्षित स्वदेश लौट रही हैं. बिटिया ने चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है. आज बिटिया के पिता जी से चर्चा कर जानकारी प्राप्त की."
संकट के समय बने 'सारथी'
जब मध्य-पूर्व एशिया में युद्ध के कारण उड़ानें और सुरक्षा प्रभावित हुईं, तब मुख्यमंत्री ने प्रियांशी और अन्य खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए. मुख्यमंत्री का प्रियांशी से पुराना जुड़ाव रहा है; जब वे मध्य प्रदेश कुश्ती क्षेत्र के अध्यक्ष थे, तब भी उन्होंने प्रियांशी की प्रतिभा को देखते हुए 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी. मुख्यमंत्री ने प्रियांशी को उनकी उत्कृष्ट सफलता पर बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस