राहुल गांधी का मोहन सरकार पर हमला: ‘डबल इंजन’ सरकार पर भी तीखा वार, बोले—जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी खामोश रहते हैं
इंदौर भागीरथपुरा दूषित पानी से 14 मौत मामले में राहुल गांधी ने तगड़ा रिएक्शन देते हुए कहा कि पानी नहीं, जहर बंटा। उन्होंने मोहन सरकार से लेकर पीएम मोदी तक निशाना साधते हुए लिखा कि जब—जब गरीब मरते, मोदीजी चुप रहते हैं।
दौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से एक और महिला की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या 14 पहुंच गई है. इस घटना को लेकर राहुल गांधी ने सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है और भाजपा पर निशाना साधा है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा.
इंदौर में दूषित पानी के मामले में मध्य प्रदेश सरकार की हाई कोर्ट में पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट गंदे पानी से हुई मौत में केवल चार मौतें बताई गई हैं. हालांकि इंदौर में मौत का आंकड़ा 15 तक पहुंच चुका है. अब इस मामले में अगली तारीख 6 जनवरी की लगाई गई है. इधर इस मामले पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सवाल उठाते हुए पूछा है कि लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की. फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?
राहुल बोले मध्य प्रदेश कुशासन का एपिसेंटर बना
इंदौर में दूषित पानी के मामले में अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल उठाया है. राहुल गांधी ने पूछा है कि "आखिर शिकायत पर सुनवाई क्यों नहीं हुई? इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा. घर-घर मातम है, गरीब बेबस है और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान. जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी. सरकार ने घमंड परोस दिया.
उन्होंने कहा कि साफ पानी कोई एहसान नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है। इस अधिकार के हनन के लिए बीजेपी का “डबल इंजन” शासन, लापरवाह प्रशासन और असंवेदनशील नेतृत्व जिम्मेदार है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का केंद्र बन चुका है—कहीं दवाइयों से मौतें हो रही हैं, कहीं अस्पतालों में बच्चों की जान जा रही है और अब दूषित पानी से लोग मर रहे हैं।
लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की, फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पीने के पानी में कैसे मिला. समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई?जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं, ये जवाबदेही की मांग है. साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है. इस अधिकार की हत्या के लिए बीजेपी की डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है.
मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है. कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें. जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं."
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस