धर्मसभा नहीं हुई तो भड़के टी राजा सिंह, दिए तीखे बयान; सोशल मीडिया पर धमकी और भड़काऊ टिप्पणियों को लेकर मामला दर्ज

सोशल मीडिया पर दो यूजर्स ने विधायक टी. राजा सिंह को लेकर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की थी जिसपर बवाल मच गया है।

धर्मसभा नहीं हुई तो भड़के टी राजा सिंह, दिए तीखे बयान; सोशल मीडिया पर धमकी और भड़काऊ टिप्पणियों को लेकर मामला दर्ज

धर्मसभा रद्द होने पर भड़के टी राजा सिंह, बोले- ‘जवाब भी मिलेगा’; सोशल मीडिया टिप्पणियों पर FIR दर्ज

भोपाल में धर्मसभा रद्द होने पर भड़के टी राजा सिंह, विवादित बयान से बढ़ा सियासी तापमान; सोशल मीडिया टिप्पणियों पर FIR, कोर्ट के फैसले पर टिकी आगे की रणनीति

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को आयोजित होने वाली प्रस्तावित धर्मसभा प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण रद्द कर दी गई। कार्यक्रम निरस्त होने के बाद तेलंगाना के गोशामहल विधानसभा क्षेत्र से विधायक टी राजा सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने अपने संबोधन में कुछ समुदायों को लेकर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

धर्मसभा के रद्द होने के बाद टी राजा सिंह ने कहा कि कुछ लोग इस कार्यक्रम को निरस्त कराने का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि धर्मसभा को रोकने के पीछे कुछ विशेष समूह सक्रिय हैं और भविष्य में उन्हें उचित जवाब दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे न्यायालय, पुलिस प्रशासन और सरकार का सम्मान करते हैं तथा किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे।

टी राजा सिंह ने अपने बयान में कहा कि वे जल्द ही भोपाल आएंगे और धर्मसभा को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उनके बयान के कुछ हिस्सों को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में उनके वक्तव्य को लेकर बहस छिड़ गई है।

इधर धर्मसभा को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में भोपाल पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। तलैया थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो इंस्टाग्राम आईडी संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार “adventure_with_araz” और “md_amir_khan_444” नामक सोशल मीडिया अकाउंट्स से कथित रूप से अभद्र, धमकीपूर्ण और भड़काऊ टिप्पणियां की गई थीं।

यह FIR जय मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियां न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली थीं, बल्कि उनसे सामाजिक तनाव और सांप्रदायिक वैमनस्य बढ़ने की भी आशंका थी।

पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1), 351(3) और 323(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियों की तकनीकी जांच की जा रही है तथा आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक मंचों पर इस प्रकार की टिप्पणियां कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। साथ ही आरोप लगाया गया है कि संबंधित पोस्ट पुलिस आयुक्त द्वारा जारी आदेशों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करती हैं।

धर्मरक्षक ग्रामीण संगठन के शिशुपाल ठाकुर ने भी पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि हैदराबाद से आने वाले हिंदूवादी नेता और विधायक टी राजा सिंह के संबंध में सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक और धमकीपूर्ण टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे कई स्क्रीनशॉट और डिजिटल साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी जांच की जानी चाहिए।

उधर धर्मसभा के आयोजन को लेकर विवाद प्रशासनिक स्तर से निकलकर न्यायालय तक पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार धर्मरक्षक समिति द्वारा भोपाल के गांधीनगर क्षेत्र में धर्मसभा आयोजित करने की योजना बनाई गई थी। आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को देखते हुए अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद आयोजकों ने प्रशासनिक निर्णय को न्यायालय में चुनौती दी।

मामले की सुनवाई के दौरान अंतिम फैसला नहीं हो सका, जिसके कारण निर्धारित तिथि पर कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सका। आयोजकों का कहना है कि वे न्यायालय के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं और आगे की रणनीति उसी के आधार पर तय की जाएगी।

धर्मसभा अध्यक्ष माधव सेन ने बताया कि गांधीनगर क्षेत्र में यह आयोजन कोई नया नहीं है। उनके अनुसार पिछले 12 वर्षों से नियमित रूप से धर्मसभा आयोजित की जाती रही है। हर वर्ष महाकाल त्रिशूल यात्रा के साथ यह कार्यक्रम संपन्न होता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष आयोजित धर्मसभा में भाजपा नेता कपिल मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस बार भी बड़े स्तर पर आयोजन की तैयारी की गई थी, लेकिन प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने और न्यायालय में मामला लंबित रहने के कारण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा।

माधव सेन का कहना है कि धर्मसभा पूरी तरह धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है तथा इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायालय से सकारात्मक निर्णय मिलने के बाद जल्द ही नई तारीख घोषित की जाएगी।

वहीं प्रशासन का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक आयोजन के लिए कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी पहलुओं का मूल्यांकन करना आवश्यक होता है। अधिकारियों के अनुसार सभी निर्णय उपलब्ध सूचनाओं और सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर लिए जाते हैं।

फिलहाल धर्मसभा के आयोजन को लेकर अंतिम निर्णय न्यायालय की आगामी सुनवाई पर निर्भर है। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर दर्ज किए गए मामलों की जांच भी जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक रूप से और अधिक चर्चा का विषय बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर संयम बरतने तथा किसी भी प्रकार की भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री साझा न करने की अपील की है, ताकि सामाजिक सौहार्द और शांति बनी रहे।