भाजपा नेता सत्यनारायण सत्तन के भतीजे का विवादित वीडियो वायरल, माफी मांगकर जताया खेद
इंदौर में भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन के भतीजे चेतन शर्मा का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा-आरएसएस के नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। विवाद बढ़ने के बाद चेतन शर्मा ने नया वीडियो जारी कर अपनी अभद्र भाषा के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। वहीं, सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि चेतन कांग्रेस से जुड़े हैं और लंबे समय से भाजपा की राजनीति में सक्रिय नहीं हैं। कांग्रेस नेता एवं उनकी बहन कनुप्रिया सत्तन ने भी वीडियो में इस्तेमाल की गई अमर्यादित भाषा को गलत बताते हुए मर्यादित संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।
इंदौर से बीजेपी के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन के भतीजे चेतन शर्मा का एक आपत्तिजनक वीडियो सोमवार को सामने आया
इंदौर। इंदौर से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन के भतीजे चेतन शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में चेतन शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कई नेताओं पर तीखी टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर भी व्यापक प्रतिक्रिया सामने आई है।
वीडियो में चेतन शर्मा स्वयं को कांग्रेस का कार्यकर्ता बताते हुए देश के विकास में कांग्रेस सरकारों और विशेष रूप से देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के योगदान का उल्लेख करते हैं। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों और परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश के औद्योगिक और शैक्षणिक विकास में पूर्ववर्ती सरकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
वीडियो में उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO), सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और बड़े बांधों जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कई राजनीतिक टिप्पणियां भी कीं।
हालांकि वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके परिवार तथा अन्य नेताओं के संबंध में कुछ ऐसे शब्दों और टिप्पणियों का प्रयोग किया गया, जिन्हें कई लोगों ने अमर्यादित और अनुचित बताया। सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि चेतन शर्मा उनके भाई के पुत्र हैं। उन्होंने बताया कि चेतन लंबे समय से भाजपा की सक्रिय राजनीति से दूर हैं और कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। सत्तन ने यह भी कहा कि उन्होंने वायरल वीडियो नहीं देखा है, इसलिए उसके विषय में विस्तृत टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
विवाद बढ़ने के बाद चेतन शर्मा ने एक नया वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले जारी वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया था, जो नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने अपने शब्दों पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह उसके लिए क्षमा चाहते हैं।
वायरल वीडियो में चेतन शर्मा ने विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने बेरोजगारी, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी योजनाओं को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। इसके अलावा उन्होंने नीट परीक्षा, अग्निवीर योजना और अन्य समसामयिक विषयों पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी तथा देश में बढ़ती राजनीतिक ध्रुवीकरण की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। वीडियो में राम मंदिर आंदोलन और उससे जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया गया। चेतन शर्मा ने दावा किया कि राम मंदिर से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम पूर्ववर्ती सरकारों के समय में उठाए गए थे।
इस पूरे मामले में कांग्रेस नेता और चेतन शर्मा की बहन कनुप्रिया सत्तन का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि उनके भाई कई वर्षों से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे हैं। कनुप्रिया ने माना कि वीडियो में प्रयुक्त अभद्र भाषा पूरी तरह अनुचित थी और किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन अपनी बात शालीन और मर्यादित तरीके से रखना आवश्यक है। कनुप्रिया के अनुसार वीडियो में उठाए गए कुछ मुद्दे आम जनता से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन उन्हें प्रस्तुत करने का तरीका उचित नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की विचारधारा हमेशा संवाद, अहिंसा और गांधीवादी मूल्यों पर आधारित रही है। पार्टी नेतृत्व भी लगातार कार्यकर्ताओं को संयमित भाषा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की सीख देता रहा है। इसलिए चेतन शर्मा को ऐसी भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में सार्वजनिक व्यक्तियों द्वारा दिए गए बयान तेजी से वायरल हो जाते हैं और उनके व्यापक प्रभाव पड़ सकते हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए भाषा और अभिव्यक्ति की मर्यादा बनाए रखना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
फिलहाल चेतन शर्मा द्वारा माफी मांगने के बाद विवाद को शांत करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक दलों के समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वहीं कई लोगों का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आलोचना का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में गरिमा और शिष्टाचार का पालन भी उतना ही आवश्यक है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस