मंत्री सारंग ने किया गोकुलधाम एवं द्वारकाधाम कॉलोनी की विद्युत समस्या का निराकरण, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर दिये निर्देश
भोपाल में मंत्री ने गोकुलधाम और द्वारकाधाम कॉलोनियों की लंबित विद्युत बिलों और आपूर्ति समस्याओं का समाधान किया। 31 दिसंबर तक कुल देय राशि का 50% जमा करने और शेष राशि 15 जनवरी तक चुकाने के निर्देश दिए गए। लंबे समय से न चुकाने वालों के कनेक्शन तुरंत विच्छेद होंगे।
गोकुलधाम-द्वारकाधाम कॉलोनियों की विद्युत समस्या का मंत्री ने किया समाधान, बिल्डर और निवासियों को मिले सख्त निर्देश
भोपाल, सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत गोकुलधाम एवं द्वारकाधाम कॉलोनियों में लंबे समय से चली आ रही विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर वस्तुस्थिति की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये। बैठक में कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी, भोपाल के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल सहित जिला प्रशासन, विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं दोनों कॉलोनियों के रहवासी उपस्थित रहे।
बैठक में अवगत कराया गया कि दिनांक 29 नवंबर 2024 को लिये गये निर्णयों के उपरांत भी अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। द्वारकाधाम कॉलोनी में रहवासियों द्वारा ₹17 लाख की राशि जमा कर दी गई है, किंतु बिल्डर द्वारा शेष ₹39 लाख का भुगतान नहीं किया गया, जिसके परिणामस्वरूप वर्तमान में कुल बकाया विद्युत बिल ₹53 लाख हो गया है। इसके अतिरिक्त, द्वारकाधाम कॉलोनी के वर्तमान विद्युत बिलों के अंतर्गत लगभग ₹15 लाख की राशि अभी भी शेष बतायी गई है, यद्यपि रहवासियों द्वारा समय-समय पर भुगतान किया जाता रहा है।
गोकुलधाम कॉलोनी के संबंध में बताया गया कि पिछली बैठक के समय कुल बकाया राशि ₹72 लाख थी, जिसमें से रहवासियों को 5 मासिक किश्तों में ₹28 लाख तथा बिल्डर को ₹44 लाख जमा करना था। अभी तक न तो रहवासियों द्वारा और न ही बिल्डर द्वारा कोई भी राशि जमा की गई है। वर्तमान विद्युत बिलों के साथ यह बकाया राशि जुड़कर कुल लगभग ₹1.27 करोड़ हो चुकी है।
मंत्री सारंग द्वारा दिये गये निर्देश
गोकुलधाम कॉलोनी के संबंध में निर्देश दिये गये कि कॉलोनीवासियों एवं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल के मध्य परस्पर सहमति के आधार पर दिनांक 31 दिसंबर 2025 तक विद्युत देयकों की कुल देय राशि का 50 प्रतिशत भाग कॉलोनीवासियों एवं बिल्डर द्वारा जमा कराया जायेगा। उक्त राशि के जमा होने के उपरांत कॉलोनी की विद्युत समस्या के निराकरण हेतु मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल द्वारा आवश्यक कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी किये जाने की अनुमति प्रदान की जायेगी। शेष देय राशि दिनांक 15 जनवरी 2026 तक जमा कराये जाने पर दोनों पक्षों द्वारा सहमति व्यक्त की गई। कॉलोनी में शेष अधोसंरचना कार्यों एवं स्थायी विद्युत व्यवस्था से संबंधित समस्त कार्य कॉलोनाइजर द्वारा कराये जायेंगे, जिसके अनुपात में की गई प्रगति के अनुसार नगर निगम द्वारा बंधक भू-खण्डों को नियमानुसार मुक्त किया जायेगा।
द्वारका नगर कॉलोनी के संबंध में निर्देश दिये गये कि बिल्डर द्वारा अपने उत्तरदायित्व के अंतर्गत शेष बकाया विद्युत राशि समय-सीमा में जमा करायी जाये। संपूर्ण कॉलोनी हेतु जारी विद्युत देयकों की वसूली के लिये कॉलोनीवासियों द्वारा दो कर्मचारियों की नियुक्ति की जायेगी, जिनके माध्यम से संग्रहित राशि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल में जमा करायी जायेगी। उक्त कर्मचारियों पर होने वाले व्यय की पूर्ति बिल्डर द्वारा की जायेगी। जो कॉलोनीवासी लंबे समय से विद्युत देयकों का भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके विद्युत कनेक्शन तहसीलदार, पुलिस प्रशासन एवं विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों के संयुक्त दल द्वारा तत्काल विच्छेदित किये जायेंगे। ऐसे उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन भविष्य में केवल तभी पुनः जोड़े जायेंगे, जब उनके द्वारा समस्त बकाया देय राशि का पूर्ण भुगतान किया जायेगा। कॉलोनी के शेष विकास कार्यों को पूर्ण कराने हेतु भी बंधक भू-खण्डों का नियमानुसार व्ययन कर नगर निगम द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। साथ ही, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी, भोपाल द्वारा गोकुलधाम एवं द्वारकाधाम कॉलोनियों को भविष्य में पृथक-पृथक कॉलोनियों के रूप में माना जायेगा।
समय-सीमा एवं प्रशासनिक प्रतिबद्धता
मंत्री सारंग ने दोनों कॉलोनियों के बिल्डर एवं रहवासियों को निर्देशित किया कि समस्त बकाया विद्युत बिलों का पूर्ण भुगतान एक माह की समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि नागरिकों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो इसके लिये संबंधित बिल्डर एवं रहवासियों को भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। शासन एवं प्रशासन द्वारा नियमों के अनुरूप आवश्यक एवं कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस