बाल तस्करी पर प्रशासन का सख्त प्रहार, संगठित गिरोहों निगाह, होगी  कठोर कार्रवाई* जिला मजिस्ट्रेट 

उरई में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने मानव तस्करी एवं बाल तस्करी की रोकथाम को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बाल तस्करी, बाल श्रम और मानव तस्करी के मामलों में सभी विभाग समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करें। मुक्त कराए गए बच्चों के चिकित्सा परीक्षण, पुनर्वास, शिक्षा और परिवार से पुनर्मिलन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए

बाल तस्करी पर प्रशासन का सख्त प्रहार, संगठित गिरोहों निगाह, होगी  कठोर कार्रवाई* जिला मजिस्ट्रेट 

डीएम-एसपी ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, बाल तस्करी रोकने के लिए विभागों में बढ़ेगा समन्वय

तस्करी से मुक्त बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की व्यवस्था पर जोर

संगठित गिरोहों, बिचौलियों और अपराधियों के खिलाफ बीएनएस के तहत होगी कठोर कार्रवाई

स्कूलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और संवेदनशील क्षेत्रों में चलाए जाएंगे जागरूकता अभियान
उरई  सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में मानव तस्करी एवं विशेष रूप से बाल तस्करी के मामलों की प्रभावी रोकथाम, निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय रिव्यू कमेटी की बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाल तस्करी एवं बाल श्रम जैसे अपराध समाज के लिए गंभीर चुनौती हैं, जिनकी रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित एवं संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने पुलिस विभाग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति, जिला प्रोबेशन विभाग तथा अन्य संबद्ध संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि तस्करी अथवा बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों का तत्काल चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए तथा उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनके पुनर्वास, शिक्षा एवं सुरक्षित भविष्य की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ऐसे बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि बाल तस्करी एवं बाल श्रम के पीछे सक्रिय संगठित गिरोहों, बिचौलियों तथा अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्कूलों, ग्रामीण क्षेत्रों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ईंट-भट्टों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि आमजन विशेषकर अभिभावकों को बाल तस्करी के खतरों एवं उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि मानव तस्करी एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की प्रगति की नियमित समीक्षा प्रत्येक माह की जाए तथा सभी विभाग निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी राजीव राज, अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, श्रम विभाग, पुलिस विभाग, बाल संरक्षण इकाई एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।