एमपी के दो सांसद केरल-तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव मैदान में: कुरियन-मुरुगन जीते तो मध्य प्रदेश में 4 राज्यसभा सीटों पर होंगे चुनाव, बदल जाएगा सियासी गणित

एमपी के दो राज्यसभा सांसद दक्षिण भारत में हो रहे विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. संयोग से दोनों ही नेता मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी हैं. जिसमें एल मुरुगन तमिलनाडू की अविनाशी सीट से चुनाव मैदान में हैं. जबकि जॉर्ज कुरियन केरल की कांजीरपल्ली विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में है. वह भी एमपी से राज्यसभा सांसद हैं. जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार में अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

एमपी के दो सांसद केरल-तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव मैदान में: कुरियन-मुरुगन जीते तो मध्य प्रदेश में 4 राज्यसभा सीटों पर होंगे चुनाव, बदल जाएगा सियासी गणित

प्रदेश से राज्यसभा के दो सांसद जॉर्ज कुरियन और डॉ. एल मुरुगन केरल और तमिलनाडु से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

मध्य प्रदेश की सियासत इन दिनों दक्षिण भारत के चुनावी नतीजों पर टिकी हुई है। इसकी वजह यह है कि राज्यसभा से जुड़े दो अहम चेहरे—जॉर्ज कुरियन और एल. मुरुगन—क्रमशः केरल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव मैदान में हैं। इन चुनावों के नतीजे न सिर्फ इन दोनों नेताओं का राजनीतिक भविष्य तय करेंगे, बल्कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा का पूरा गणित भी बदल सकते हैं।

3 या 4 सीटें? यही है असली सस्पेंस

फिलहाल मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली होना तय मानी जा रही हैं। इनमें दिग्विजय सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल पूरा हो चुका है।

लेकिन चौथी सीट को लेकर स्थिति पूरी तरह चुनावी नतीजों पर निर्भर है। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन का राज्यसभा कार्यकाल अभी 2030 तक है, लेकिन अगर वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीत जाते हैं, तो उन्हें राज्यसभा से इस्तीफा देना होगा। ऐसी स्थिति में मध्य प्रदेश की चौथी सीट भी खाली हो जाएगी और उपचुनाव कराना पड़ेगा।

भाजपा में नए चेहरों के लिए मौका

अगर दोनों नेता अपने-अपने राज्यों में जीत दर्ज करते हैं, तो केंद्र की राजनीति में भी बदलाव संभव है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार में इनकी जगह नए चेहरों को मौका मिल सकता है। ऐसे में मध्य प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली की दौड़ में शामिल हो सकते हैं।

आदिवासी चेहरे पर मंथन

राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर मंथन तेज हो गया है। खासकर सुमेर सिंह सोलंकी की सीट पर आदिवासी चेहरे को मौका देने की चर्चा है। पहले हर्ष चौहान और रंजना बघेल जैसे नाम सामने आ चुके हैं, और इस बार भी इसी वर्ग से उम्मीदवार उतारने की रणनीति बन रही है।

कुरियन की जीत से मेनन का रास्ता साफ?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर जॉर्ज कुरियन केरल से चुनाव जीतते हैं, तो उनकी जगह भाजपा अरविंद मेनन को राज्यसभा भेज सकती है। मेनन का संगठनात्मक अनुभव और केरल कनेक्शन इस समीकरण को मजबूत बनाता है।

दिग्विजय की सीट पर कड़ा मुकाबला

कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह ने तीसरी बार राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया है, जिससे यह सीट खुली हो गई है। हालांकि विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से भाजपा मजबूत स्थिति में है।

वर्तमान में भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास करीब 62 विधायक बचे हैं। ऐसे में यदि कुछ विधायकों का पाला बदलता है, तो कांग्रेस के लिए अपनी सीट बचाना मुश्किल हो सकता है।

नतीजों पर टिकी पूरी तस्वीर

कुल मिलाकर 4 मई को आने वाले चुनावी नतीजे यह तय करेंगे कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों पर चुनाव होंगे या 4 पर। यह सिर्फ संख्या का खेल नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश और केंद्र—दोनों की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।