फर्जी प्रमाण पत्र के पीछे सच्चाई उजागर: केयर टेकरों का मानदेय अड़ा, सचिव निलंबित

उरई में जनसुनवाई के दौरान सामने आया कि ग्राम महटौली और पतराही के सामुदायिक शौचालयों के केयर टेकरों का डेढ़ साल से मानदेय नहीं दिया गया। जांच में पाया गया कि ग्राम सचिव रोहित कुमार ने फर्जी प्रमाण पत्र देकर भुगतान होने का दिखावा किया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सचिव को तत्काल निलंबित कर दिया, एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि करने और जिला पंचायत राज अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए।

फर्जी प्रमाण पत्र के पीछे सच्चाई उजागर: केयर टेकरों का मानदेय अड़ा, सचिव निलंबित

जनसुनवाई में सामने आई गंभीर शिकायत – केयर टेकरों का डेढ़ साल से लंबित मानदेय

शिकायतकर्ताओं की नाराज़गी – ग्राम सचिव के चक्कर काटते-काटते थक गए कर्मचारी

जांच में खुला मामला – फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए भुगतान दिखाने का प्रयास

सख्त प्रशासनिक कार्रवाई – सचिव रोहित कुमार को तत्काल निलंबित

उरई । जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अपने कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सामने आई गंभीर शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही की। यह मामला ग्राम महटौली एवं पतराही (विकास खण्ड रामपुरा) में संचालित सामुदायिक शौचालयों के केयर टेकरों के लंबित मानदेय से संबंधित है।

जनसुनवाई में ऊषा देवी पत्नी वीरेंद्र कुमार (ग्राम महटौली) एवं सीमा देवी पत्नी स्व. छोटेलाल (ग्राम पतराही) ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि दोनों ग्रामों में कार्यरत सामुदायिक शौचालय के केयर टेकरों को पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, जबकि भुगतान के लिए वे लगातार ग्राम सचिव एवं संबंधित कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर रहे। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि शौचालयों की साफ-सफाई हेतु आवश्यक उपकरण तक उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गई तत्काल जांच में शिकायत पूर्णतः सही पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ग्राम सचिव रोहित कुमार द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर यह दर्शाया गया था कि केयर टेकरों का भुगतान कर दिया गया है, जबकि वास्तविकता में भुगतान नहीं हुआ था। जांचोपरांत जिलाधिकारी ने गंभीर अनियमितता एवं भ्रामक सूचना देने के आरोप में संबंधित ग्राम सचिव रोहित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि और विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने तथा जिला पंचायत राज अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए।

जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर केयर टेकरों का लंबित मानदेय भुगतान सुनिश्चित कराया जाए, साथ ही सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई एवं संचालन की नियमित निगरानी व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू की जाए।

जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि स्वच्छता से जुड़े कार्यों में लापरवाही, फर्जीवाड़ा अथवा गरीब एवं श्रमिक वर्ग को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगवाना किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर त्वरित, निष्पक्ष एवं कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।