TI के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला, चक्काजाम खुलवाने पहुंचे थे; सीधी में उग्र भीड़ ने घेरा, पांच आरोपी नामजद

सीधी जिले के ग्राम पटपरा में शासकीय रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के बीच ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। चक्काजाम खुलवाने पहुंचे कमर्जी थाना प्रभारी इंद्राज सिंह पर कुछ लोगों ने कुल्हाड़ी और हंसिए से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को नामजद कर मामला दर्ज किया है। घटना के बाद पांच थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

TI के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला, चक्काजाम खुलवाने पहुंचे थे; सीधी में उग्र भीड़ ने घेरा, पांच आरोपी नामजद

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पहुंचे एक थाना प्रभारी पर जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कमर्जी थाना प्रभारी इंद्राज सिंह पर उस समय कुल्हाड़ी और हंसिए से हमला कर दिया गया, जब वे ग्राम पटपरा में सड़क जाम खुलवाने और दोनों पक्षों के बीच विवाद को शांत कराने पहुंचे थे। हमले में थाना प्रभारी के सिर पर गंभीर चोट आई है। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पुलिस प्रशासन ने आरोपियों की तलाश में व्यापक अभियान शुरू कर दिया है।

जानकारी के अनुसार कमर्जी थाना क्षेत्र के ग्राम पटपरा में लंबे समय से शासकीय रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि कुछ लोगों ने सरकारी मार्ग पर अतिक्रमण कर रखा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में कई बार तहसील कार्यालय और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें भी दी गई थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी।

सोमवार दोपहर करीब 12 बजे आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही कमर्जी थाना प्रभारी इंद्राज सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और रास्ता खुलवाने की कोशिश की। प्रारंभिक बातचीत के दौरान माहौल सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन अचानक कुछ लोगों ने उग्र होकर पुलिस टीम का विरोध शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ते ही कुछ लोगों ने थाना प्रभारी इंद्राज सिंह पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। आरोपियों ने टांगी (कुल्हाड़ी) और हंसिए से वार किए, जिसमें थाना प्रभारी के सिर पर गंभीर चोट आई। हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल अपने अधिकारी को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला और डायल-112 वाहन की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने घायल थाना प्रभारी का प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार सिर पर गहरी चोट आई है, हालांकि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी भीड़ जुट गई। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और उपचार की जानकारी ली।

पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। आरोपियों में दिनेश पटेल उर्फ गुंठी, सुनील पटेल, विनय पटेल, प्रीतम पटेल और रितेश उर्फ सिंटू पटेल शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने न केवल सड़क जाम हटाने का विरोध किया, बल्कि पुलिस दल के साथ मारपीट भी की और थाना प्रभारी पर धारदार हथियार से हमला किया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल थाना प्रभारी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और डॉक्टरों से उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की। एसपी ने कहा कि पुलिस अधिकारी पर हमला कानून-व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एसपी संतोष कोरी ने बताया कि मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पांच थानों का पुलिस बल मौके पर भेजा गया है। इसके अलावा एसडीओपी स्तर के अधिकारियों को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया है। पुलिस गांव में लगातार निगरानी बनाए हुए है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे केवल रास्ते का विवाद है या फिर कोई अन्य कारण भी है, इसकी भी जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते के विवाद को लेकर गांव में लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। कई बार पंचायत स्तर पर समझौते के प्रयास हुए, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। प्रशासनिक कार्रवाई में देरी के कारण लोगों का गुस्सा बढ़ता गया और अंततः मामला सड़क जाम तक पहुंच गया। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में लेना उचित नहीं है और सरकारी कर्मचारी पर हमला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। वहीं गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि दोबारा कोई तनावपूर्ण स्थिति न बने।

इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था की ड्यूटी निभा रहे पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर विवाद सुलझाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पहुंचने वाले पुलिसकर्मी कई बार खुद हिंसा का शिकार हो जाते हैं। सीधी की यह घटना भी इसी चिंता को उजागर करती है।

फिलहाल घायल थाना प्रभारी का इलाज जारी है और पुलिस प्रशासन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।