कलेक्टर्स पर गिरेगी गाज;सीएम मोहन यादव ने दिखाए कड़क तेवर, सुना दिया है अपना फरमान, परफॉर्म न करने पर छुट्टी तय!
CM मोहन यादव ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान की जिला कलेक्टर मॉनीटरिंग करें. अभियान में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जो कलेक्टर्स जिले की सभी गतिविधियों में परफार्मेंस और रिजल्ट देंगे वे ही मैदान में रहेंगे, यह सिद्धांत सभी अधिकारी-कर्मचारियों पर भी लागू होगा.
सीएम डॉ. यादव ने परफॉर्म नहीं करने वाले कलेक्टर्स से कहा है कि रिजल्ट नहीं देने पर आप मैदान में नहीं रहेंगे। साथ ही सभी कलेक्टर्स को कहा कि औचक निरीक्षण करें।
MP News: मध्य प्रदेश की संभावित बड़ी प्रशासनिक सर्जरी नजदीक है, उसके पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि जो परफार्मेस और परिणाम देंगे, उन्हें ही मैदान में रखेंगे। सीएम ने गुरुवार को मंत्रालय में एसीएस व पीएस के साथ विभागों की समीक्षा की। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कलेक्टरों से संवाद किया
सीएम डॉ. यादव ने यह भी कहा कि बीते दिनों जैसे मंत्रालय में दफ्तरों का औचक निरीक्षण कराया, ठीक इसी तरह जिलों में भी किया जाए। यदि समय का पालन न हो रहा हो और काम में कोताही मिले तो 5 की जगह 6 दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू करेंगे।
मुख्यमंत्री ने गेहूं उपार्जन की तिथियां स्पष्ट करते हुए बताया कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक खरीदी होगी. जबकि जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल व सागर संभाग में 23 मार्च से 12 मई तक खरीदी की जाएगी. किसान 7 मार्च तक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को बारदाने की उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए.
सरकारी दफ्तरों को चेतावनी
CM यादव ने कार्यालयीन समय के पालन पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि हाल ही में मंत्रालय में किए गए औचक निरीक्षण के बाद अब जिला स्तर पर भी ऐसी कार्रवाई होगी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो प्रदेश में 6 कार्य दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था दोबारा लागू कर दी जाएगी.
संकल्प से समाधान' और परफार्मेंस
अभियान के अंतिम चरण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 40 लाख आवेदनों का निराकरण हो चुका है. उन्होंने कहा, "जो कलेक्टर परिणाम देंगे, वही मैदान में रहेंगे." 16 मार्च तक जिला स्तरीय शिविरों के माध्यम से शेष समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए गए हैं.
कलेक्टर्स करें औचक निरीक्षण
मध्य प्रदेश के मुखिया ने कहा कि वर्तमान में शाला और महाविद्यालयीन स्तर पर परीक्षाओं का समय चल रहा है। जिला अधिकारी शैक्षणिक संस्थाओं, छात्रावासों, विश्वविद्यालय परिसरों का आकस्मिक निरीक्षणआवश्यक रूप से करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षाओं का संचालन और आगामी सत्रारंभ निर्विघ्न रहे। साथ ही सीएम ने कहा कि राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयीन समय का पालन करने की अपेक्षा है। इस संबंध में गत दिवस मंत्रालय में कार्यालयीन समय अनुसार उपस्थिति का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर्स द्वारा अपने स्तर पर इस प्रकार के निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। कार्यालयीन स्टाफ को दी गई सुविधाएं, उनका अधिकार है, इसके साथ उनसे नियमानुसार कार्य लेना भी सुनिश्चित हो।
खाड़ी देशों के संकट पर सतर्कता
मिडिल ईस्ट में तनाव को देखते हुए CM यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे अपने जिले के उन परिवारों के संपर्क में रहें जिनके सदस्य खाड़ी देशों में हैं. सहायता के लिए दिल्ली के मध्य प्रदेश भवन और मंत्रालय में स्थापित कंट्रोल रूम का विवरण शेयर करने को कहा गया है.
अन्य जरूरी निर्देश
सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों का जिला स्तर पर तत्काल खंडन किया जाए.
बोर्ड और कॉलेज परीक्षाओं के दौरान छात्रावासों और केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण करें.
साल 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाते हुए स्थानीय मेलों में कृषि नवाचारों की प्रदर्शनी लगाएं.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस