भीषण गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहें—जिलाधिकारी की जनपदवासियों से अपील,हीटवेव से सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, जनसहभागिता जरूरी
उरई में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखते हुए अस्पतालों, पेयजल, छाया और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं
भीषण गर्मी और हीटवेव को लेकर जिलाधिकारी की चेतावनी
बच्चों, बुजुर्गों और श्रमिकों को विशेष सावधानी की जरूरत
प्रशासन अलर्ट मोड पर—स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय सक्रिय
अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से निपटने की पुख्ता व्यवस्था
उरई । जनपद में बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव (लू) के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जनपदवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस दौर में थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है, इसलिए सभी नागरिक सावधानी अपनाते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
जिलाधिकारी ने कह कि हीटवेव का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बीमार व्यक्तियों और खुले में कार्य करने वाले मजदूरों व किसानों पर पड़ता है। ऐसे में दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें तथा शरीर को हाइड्रेट रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि अधिक से अधिक पानी, ओआरएस, छाछ, लस्सी, नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें और हल्के, ढीले व सूती कपड़े पहनें। जिलाधिकारी ने कहा कि तेज धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें तथा धूप में काम करने की स्थिति में समय-समय पर छांव में विश्राम अवश्य करें। विशेष रूप से खेतों और निर्माण स्थलों पर कार्य करने वाले श्रमिकों को पर्याप्त पानी, छाया और विश्राम की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा हीटवेव से बचाव हेतु सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए बेड, दवाइयों, ORS और एम्बुलेंस की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल, वाटर कूलर और छाया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि विद्यालयों के समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन, श्रमिकों के कार्य समय में समायोजन, पशुओं के लिए पानी व छाया की व्यवस्था तथा पेयजल आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बस अड्डों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि अत्यधिक तापमान के प्रभाव को देखते हुए फसलों की समय पर कटाई करें, हल्की सिंचाई बनाए रखें तथा कृषि विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करें, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित न हो। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह तैयार है, लेकिन हीटवेव से प्रभावी बचाव तभी संभव है जब जनसामान्य भी सजग और जागरूक रहें। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की लू लगने के लक्षण जैसे चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस