मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ऐलान,विक्रम विश्वविद्यालय का बदल गया नाम अब सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय नाम से जाना जाएगा

Ujjain News: उज्जैन के विक्रम यूनिवर्सिटीका नाम अब ‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ होगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रम संवत् 2082 के अवसर पर आयोजित विश्वविद्यालय के 29वें दीक्षांत समारोह में की। इस मौके पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने सीएम यादव को डी.लिट. की मानद उपाधि से सम्मानित किया।
राज्यपाल पटेल ने हंसी-मजाक के अंदाज में कहा, “दीक्षा लिए बिना ही आप मुख्यमंत्री बन गए।” इस पर सीएम यादव ने जवाब दिया, “हम यूनिवर्सिटी से पढ़कर निकल गए, लेकिन दीक्षांत समारोह नहीं हुआ था। आज राज्यपाल जी की कृपा से यह संभव हो पाया।”
“माता-पिता की सेवा के बिना देशसेवा अधूरी”- राज्यपाल
राज्यपाल पटेल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “दीक्षा लेने के बाद माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। अच्छा प्लेसमेंट मिल जाए, तो क्या माता-पिता को भूल जाएंगे? ऐसे लोग न समाज की सेवा कर पाएंगे, न देश की।” उन्होंने जोर देकर कहा कि “स्वार्थी न बनें, अपनी बुद्धि, शक्ति और धन को समाज के कल्याण में लगाएं।”
मध्यप्रदेश बनेगा भाषाई एकता की मिसाल
शिक्षा मंत्री ने कहा कि “देश में भाषा के आधार पर बांटने का काम हो रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश एक अलग मिसाल पेश करेगा। यहां की यूनिवर्सिटी में विभिन्न भारतीय भाषाएं पढ़ाई जाएंगी। ऐसा करने वाला एमपी देश का पहला राज्य होगा।”
मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “एक साथ मुख्यमंत्री और राज्यपाल का दीक्षांत समारोह में शामिल होना ऐतिहासिक है।” उन्होंने गुड़ी पड़वा के उत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि “पहली बार प्रदेश के सभी 55 जिलों में एक साथ यह त्योहार मनाया जा रहा है।”
सीएम ने घोषणा की कि सर्वसम्मति से विक्रम विश्वविद्यालय का नाम सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर रखा जाएगा। इस समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे।