शिवराज सिंह चौहान का बड़ा एक्शन :किसानों से धोखा करने वालों पर सख्त वार! अमानक बीज मामले में कंपनी पर कार्यवाई,एफआईआर दर्ज

मध्य प्रदेश के किसानों ने अमानक करेले के बीज से फसल खराब होने की शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से की। मामले में कार्रवाई करते हुए नूनहेन्स कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा एक्शन :किसानों से धोखा करने वालों पर सख्त वार! अमानक बीज मामले में कंपनी पर कार्यवाई,एफआईआर दर्ज

मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री एक बार फिर अपने सख्त एक्शन को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, धार और खरगोन जिले के किसानों ने करेला फसल में हुए नुकसान को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से गुहार लगाई।

मध्यप्रदेश के धार और खरगोन के किसानों ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर करेला की फसल में अमानक बीज और रोपे से हुए भारी नुकसान की शिकायत की। इसे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार मानते हुए केंद्रीय मंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनके निर्देशों के बाद धार जिले के मनावर थाने में संबंधित कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

किसानों की शिकायत पर त्वरित एक्शन

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि किसानों के हित उनके लिए सर्वोपरि हैं। धार और खरगोन के किसानों ने करेला फसल में अमानक बीज और रोपे से हुए नुकसान की जानकारी दी, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित किसानों को जल्द न्याय और मुआवजा मिले। साथ ही, दोषी कंपनी के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

एफआईआर में गंभीर धाराएं शामिल

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज करते हुए मनावर थाना, जिला धार में एफआईआर क्रमांक 266 दर्ज की गई। इसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराएं 3 व 7 तथा बीज अधिनियम, 1966 की धारा 19 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। एफआईआर में नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद को आरोपी बनाया गया है।

अमानक बीज से फसल को भारी नुकसान

किसानों के अनुसार, उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से इस कंपनी के बीज और रोपे खरीदे थे। बुआई के बाद फसल में अपेक्षित उत्पादन नहीं हुआ और करेला के फल छोटे, पीले होकर गिरने लगे। उत्पादन में भारी गिरावट के बाद किसानों ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी।

जांच में सामने आई गड़बड़ी

कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों की जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि अमानक बीज और उनसे तैयार रोपे प्रमाणित बताकर बेचे गए थे, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह केवल फसल खराब होने का मामला नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे और पूंजी को नुकसान पहुंचाने का मामला है।

रूबासटा किस्म पर रोक के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए करेला के अमानक बीज की रूबासटा किस्म पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह के नुकसान से बचाया जा सके।

किसानों के साथ धोखा बर्दाश्त नहीं: शिवराज

शिवराज सिंह ने सख्त संदेश दिया कि किसानों के साथ अन्याय, लापरवाही या धोखाधड़ी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार पीड़ित किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

जीरो टॉलरेंस नीति पर फिर जोर

केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि अमानक और नकली बीज-कीटनाशकों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत, फसल और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।