शशि थरूर का बड़ा बयान - प्रधानमंत्री का हारना भारत के हारने जैसा:विदेश नीति पार्टी नहीं, देश की होती है; पाकिस्तान से खतरे को नजरअंदाज न करें
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि विदेश नीति भारत की होती है, किसी पार्टी की नहीं। उन्होंने पीएम की हार को देश की हार बताया। थरूर ने पाकिस्तान की बदलती सैन्य रणनीति, हाइपरसोनिक मिसाइलों पर जोर और उसकी आंतरिक कमजोरियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बांग्लादेश-पाकिस्तान रक्षा समझौते और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए खतरों से भी आगाह किया।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि विदेश नीति भाजपा या कांग्रेस की नहीं, भारत की होती है। अगर राजनीति में कोई प्रधानमंत्री की हार पर खुश होता है, तो वह भारत की हार की खुशी मना रहा होता है। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को याद करते हुए कहा, “अगर भारत मर गया, तो कौन जिएगा?”
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विदेश नीति को लेकर अपनी बात रखी और कहा कि यह किसी पार्टी की नहीं, बल्कि देश की नीति होती है। उन्होंने पाकिस्तान से खतरे को लेकर भी आगाह किया।
विदेश नीति पार्टी की नहीं, देश की होती है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हाल ही में इंडिया टुडे से बातचीत में पाकिस्तान की राजनीति , अर्थव्यवस्था, चीन के प्रभाव, और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर अपने विचार व्यक्त किए। थरूर ने स्पष्ट रूप से कहा कि विदेश नीति किसी विशेष राजनीति क दल, चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस, की नहीं होती, बल्कि यह भारत की नीति होती है। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा, 'अगर भारत मर गया, तो कौन जिएगा?' यह बात उन्होंने इस संदर्भ में कही कि यदि कोई
व्यक्ति किसी प्रधानमंत्री की हार में खुशी महसूस करता है, तो वह वास्तव में भारत की हार का जश्न मना रहा है।\थरूर ने भारत को पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाले सुरक्षा खतरों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव कर रहा है और अब हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक और छिपकर हमले करने की रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
नाम मात्र की नागरिक सरकार...'
पाकिस्तान की अंदरूनी स्थिति पर ज़ोर देते हुए, शशि थरूर ने देश को 'बहुत समस्याग्रस्त' बताया, जहां नाममात्र की सरकार है, जिस पर ज़्यादातर सेना का दबदबा है. उन्होंने आर्थिक कमज़ोरी और विदेशी मदद पर निर्भरता को ऐसे कारक बताया, जो सैन्य दुस्साहस को बढ़ावा दे सकते हैं.
थरूर ने कहा, "पाकिस्तान कई लेवल पर बहुत समस्याग्रस्त देश है. यह नाममात्र की नागरिक सरकार है, जिसे सेना ने बनाया है और जिस पर सेना का दबदबा है, इसलिए वहां की पॉलिसी विकल्पों के मामले में सेना का एजेंडा हमेशा हावी रहेगा
कांग्रेस सांसद ने पाकिस्तान की आर्थिक कमज़ोरी पर भी ज़ोर दिया. थरूर ने कहा, "यह आर्थिक रूप से कमज़ोर है. इसे कई अंतरराष्ट्रीय और पश्चिमी डोनर्स से बहुत सारा पैसा मिला है, और इससे इसे कुछ समय के लिए सहारा मिल सकता है, लेकिन आर्थिक कमज़ोरी अक्सर मिलिट्री एडवेंचर की ओर ले जाती है."
थरूर ने दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना करते हुए कहा कि पाकिस्तान की GDP ग्रोथ 2.7 फीसदी है, जबकि भारत की ग्रोथ करीब 7 फीसदी या उससे ज़्यादा है. उन्होंने उन सेक्टर्स में पाकिस्तान के बढ़ते कदमों पर भी ज़ोर दिया, जहां भारत की मज़बूत मौजूदगी है, और कहा कि यह देश टेक्सटाइल और एग्रीकल्चर जैसे सेक्टर्स में विस्तार कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय बाज़ारों में मुकाबला बढ़ सकता है
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस