दरवेश बर्तन भंडार पर खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र में गड़बड़ी कर ग्राहकों को लगा रहा था चूना

दरवेश बर्तन भंडार पर खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई,  इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र में गड़बड़ी कर ग्राहकों को लगा रहा था चूना

भोपाल।प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निर्देश पर राजधानी भोपाल में उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी करने और तौल यंत्र में गड़बड़ी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी तारतम्य में दरवेश बर्तन भंडार, रोशनपुरा नाका में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जहां ग्राहकों से ठगी की जा रही थी। खाद्य एवं नाप-तौल विभाग की टीम ने मौके पर निरीक्षण कर संस्थान के स्वामी अशोक कुमार तेजवानी के खिलाफ मामला दर्ज किया और इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र को ज़ब्त कर लिया। शिकायतों के आधार पर जब खाद्य विभाग की टीम ने निरीक्षण किया, तो पाया गया कि ग्राहकों को सामान पन्नी और कागज की पैकिंग सहित तौला जा रहा था। यह सीधे तौर पर ग्राहकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन का मामला था। इतना ही नहीं, इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र का समय पर सत्यापन भी नहीं कराया गया था, जो कि विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के तहत अनिवार्य है।

कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन :

नियमों के अनुसार, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र को प्रत्येक वर्ष निर्धारित समय पर पुनः सत्यापित कराना अनिवार्य होता है। दरवेश बर्तन भंडार के तौल यंत्र का सत्यापन प्रथम तिमाही A/2024 में हुआ था, जिसे प्रथम तिमाही 2025 में पुनः सत्यापित कराया जाना था, लेकिन दुकानदार ने ऐसा नहीं किया। यह विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 24/33 का स्पष्ट उल्लंघन है।

खाद्य विभाग ने की सख्त कार्रवाई :

इस गड़बड़ी को देखते हुए खाद्य विभाग की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र को ज़ब्त कर लिया और संस्थान के मालिक अशोक कुमार तेजवानी के खिलाफ अपराध प्रकरण पंजीबद्ध कर वरिष्ठ कार्यालय को भेजने की तैयारी कर ली है। इस कार्रवाई में नाप-तौल निरीक्षक गोविन्द प्रसाद रैकवार एवं सहायक विकास चव्हाण शामिल थे। यह कार्रवाई भोपाल के व्यापारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि उपभोक्ता अधिकारों से खिलवाड़ करने पर कानूनी कार्रवाई से कोई नहीं बच सकता। साथ ही, उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने और खरीदारी के समय सही तौल और माप की जांच करने की सलाह दी गई है। प्रदेश में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।