कांग्रेस सांसदों ने संसद में मचाया हंगामा, 20-25 सदस्य चेंबर में घुसे और स्पीकर को गाली-गलौज! किरेन रिजिजू का बड़ा आरोप,बोले- “ऐसा पहले कभी नहीं देखा”

लोकसभा स्पीकर के चैंबर में भी सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए थे. इसका वीडियो भी सामने आया था. इसे लेकर अब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का बयान आया है.

कांग्रेस सांसदों ने संसद में मचाया हंगामा, 20-25 सदस्य चेंबर में घुसे और स्पीकर को गाली-गलौज! किरेन रिजिजू  का बड़ा आरोप,बोले- “ऐसा पहले कभी नहीं देखा”

राहुल गांधी द्वारा पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के संस्मरण 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के जिक्र के बाद से संसद में हंगामा मचा हुआ है। विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है।

भारतीय संसदीय इतिहास में बुधवार का दिन बेहद तनावपूर्ण रहा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसदों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ सांसदों ने न केवल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देशों की अवहेलना की, बल्कि उनके चेंबर में जाकर उनके साथ धमकी भरा व्यवहार किया और अपशब्दों का प्रयोग किया।

किरेन रिजिजू बोले-"ऐसा पहले कभी नहीं देखा

रिजिजू ने इस घटना को "अभूतपूर्व" और संसदीय परंपराओं पर काला धब्बा बताया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के सांसद स्पीकर के चेंबर में गए, उन्हें धमकाया, उनके साथ दुर्व्यवहार किया और यहाँ तक कि उन्हें गाली भी दी। मैंने अपने करियर में आज तक ऐसी संसदीय अमर्यादा नहीं देखी।" उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष सदन के भीतर तो नियमों की धज्जी उड़ाता ही है, अब वे व्यक्तिगत हमलों पर उतर आए हैं।

रिजिजू का पोस्ट 

रिजिजू ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा है कि कांग्रेस पार्टी को अपने सांसदों इस अपमानजनक व्यवहार पर गर्व है. अगर हमने बीजेपी सांसदों को नहीं रोका होता और वो भी कांग्रेस सांसदों का विरोध करने पहुंच जातीं तो काफी खराब स्थिति हो जाती. हम संसद की परंपरा का सम्मान करना जानते हैं. 

राहुल गांधी के 'आचरण' पर उठाए सवाल

संसदीय कार्य मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी के व्यवहार को "थियेट्रिक्स" (नाटकबाजी) करार देते हुए कहा कि सदन में प्रधानमंत्री हो या कोई सांसद, सबको बोलने के लिए अध्यक्ष की अनुमति लेनी होती है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी यह कहते हैं कि उन्हें सदन में बोलने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है, जो कि संसदीय नियमों का सीधा उल्लंघन है।

संविधान और मर्यादा की दुहाई

विपक्ष द्वारा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीच रिजिजू ने सलाह दी कि हर प्रक्रिया का एक स्थापित नियम होता है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस तरह से स्पीकर के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है, उससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी। उन्होंने विपक्ष से सदन की पवित्रता बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की।