वरिष्ठ नागरिकों की एफडी को मिले पूर्ण बीमा सुरक्षा – कैट टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी -चम्पालाल बोथरा
कैट टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने वरिष्ठ नागरिकों और छोटे जमाकर्ताओं की एफडी पर पूर्ण बीमा कवर देने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कई वरिष्ठ नागरिक, गृहणियां और छोटे व्यापारी अपनी जीवनभर की बचत बैंक एफडी में रखते हैं, इसलिए जमा बीमा सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर पूर्ण सुरक्षा दी जानी चाहिए ताकि बैंक डूबने की स्थिति में उनकी बचत सुरक्षित रहे और बैंकिंग व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हो सके।
वरिष्ठ नागरिकों और छोटे जमाकर्ताओं की जमा राशि को पूर्ण बीमा देने की मांग
बैंक डूबने की स्थिति में आम लोगों की बचत सुरक्षित रखने पर जोर
गृहणियों और छोटे व्यापारियों की बचत को भी मिले पूरी सुरक्षा
Surat,भारतीय रिज़र्व बैंक के उप-गवर्नर द्वारा वरिष्ठ नागरिकों और छोटे जमाकर्ताओं की फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) पर पूर्ण बीमा कवर देने के प्रस्ताव का कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी ने स्वागत किया है।
कैट टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने कहा कि देश के लाखों वरिष्ठ नागरिक अपनी जीवन भर की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए बैंकों की सावधि जमा (FD) पर निर्भर रहते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद यही जमा राशि उनकी आजीविका, चिकित्सा खर्च और पारिवारिक जिम्मेदारियों का मुख्य आधार होती है। ऐसे में यदि बैंकिंग व्यवस्था में किसी प्रकार की विफलता होती है और उनकी जमा राशि सुरक्षित नहीं रहती, तो यह उनके जीवन की आर्थिक सुरक्षा पर सीधा आघात है। इसलिए वरिष्ठ नागरिकों की जमा राशि को पूर्ण बीमा सुरक्षा देना समय की आवश्यकता है।
बोथरा ने कहा कि एक छोटे व्यापारी के घर की गृहणी का त्याग और उसकी छोटी-छोटी बचत भी परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार होती है। गृहणियां वर्षों तक अपनी इच्छाओं का त्याग कर पाई-पाई जोड़ती हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई, बेटियों की शादी और कठिन समय में परिवार को सहारा मिल सके। यदि बैंक डूबने की स्थिति में यह जमा राशि असुरक्षित हो जाए, तो यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि एक परिवार के सपनों और वर्षों के संघर्ष की हार
होती है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में कुछ सहकारी बैंकों के डूबने से वरिष्ठ नागरिकों, गृहणियों और छोटे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वर्तमान में जमा बीमा की सीमा ₹5 लाख होने के कारण अनेक परिवारों की बड़ी बचत जोखिम में रहती है। इसलिए सरकार को इस सीमा पर पुनर्विचार करते हुए वरिष्ठ नागरिकों और छोटे जमाकर्ताओं के लिए पूर्ण बीमा कवर लागू करना चाहिए।
बोथरा ने केंद्र सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक से आग्रह किया कि इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर जल्द ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि आम जमाकर्ताओं का बैंकिंग प्रणाली पर विश्वास और मजबूत हो सके।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस