पेट्रोल-डीजल लेने के लिए ये डॉक्यूमेंट दिखाना जरूरी, प्रशासन ने बताई नई SOP-MP में ईंधन नियम बदले

मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की बिक्री से जुड़े नियमों में प्रशासन ने अहम संशोधन किया है। नए आदेशों के तहत अब आवश्यक सेवाओं, किसानों और कुछ सरकारी व निजी संस्थानों को केन में डीजल लेने की अनुमति दी गई है, बशर्ते वे वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करें। इस बदलाव का उद्देश्य जहां एक ओर आवश्यक सेवाओं को राहत देना है, वहीं दूसरी ओर ईंधन की बिक्री में पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करना है।

पेट्रोल-डीजल लेने के लिए ये डॉक्यूमेंट दिखाना जरूरी, प्रशासन ने बताई नई SOP-MP में ईंधन नियम बदले

मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल बिक्री नियमों में बदलाव किया गया है। अब किसानों, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं को पहचान पत्र दिखाकर केन में डीजल लेने की अनुमति मिलेगी।

भोपाल : पेट्रोल डीजल की किल्लत की खबरों के बीच मध्य प्रदेश प्रशासन द्वारा पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में अहम बदलाव किए गए हैं। नए निर्देशों के तहत अब कृषि कार्य, आपातकालीन सेवाओं, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और बैंकों को जनरेटर चलाने के लिए केन में डीजल लेने की अनुमति दी गई है। इस नई व्यवस्था से जहां लोगों को काफी राहत मिलेगी,वहीं पेट्रोल डीजल की कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अनुमति केवल जरूरी सेवाओं के लिए ही लागू होगी। साथ ही डीजल लेने के लिए संबंधित व्यक्ति या संस्था को पेट्रोल पंप पर वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों पर निगरानी भी कड़ी की गई है। अब सभी पेट्रोल पंपों को अपने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का कम से कम 48 घंटे का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। यदि प्रशासन या संबंधित विभाग मांग करता है, तो यह फुटेज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

दरअसल, हाल ही में पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने कलेक्टर से SOP को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। एसोसिएशन का कहना था कि केन में पेट्रोलियम उत्पाद देने पर रोक के प्रावधान से किसानों और आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ सकता है। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए जरूरी सेवाओं और कृषि कार्य के लिए केन में डीजल देने की अनुमति दे दी।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि जिन संस्थानों को जनरेटर के लिए डीजल की आवश्यकता है, वे अधिकृत व्यक्ति के माध्यम से पहचान पत्र दिखाकर पेट्रोल पंप से डीजल प्राप्त कर सकते हैं। इससे जरूरी सेवाओं का संचालन प्रभावित नहीं होगा और बिजली बैकअप की व्यवस्था भी सुचारू रूप से चलती रहेगी।

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखना और कालाबाजारी या अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखना है। इसके अलावा नई व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। राज्य में इन दिनों रबी फसलों की कटाई और थ्रेशिंग का काम चल रहा है। किसानों की हार्वेस्टर और अन्य कृषि मशीनों के लिए पेट्रोल की जरूरत पड़ती है ऐसे में प्रशासन द्वारा एसओपी में संशोधन का उन्हें पर्याप्त फायदा मिलेगा।

पहचान पत्र अनिवार्य किया गया

नए नियमों के अनुसार अब पेट्रोल पंप से केन में डीजल या पेट्रोल लेने के लिए संबंधित व्यक्ति या संस्था को वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। केवल अधिकृत व्यक्ति ही यह सुविधा प्राप्त कर सकेगा। इससे ईंधन के दुरुपयोग और अवैध भंडारण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का नियम

संशोधित SOP में पेट्रोल पंप संचालकों के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। अब सभी पंपों को अपने सीसीटीवी कैमरों का कम से कम 48 घंटे का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। प्रशासन या संबंधित विभाग द्वारा मांग किए जाने पर यह रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध कराना होगा। यह व्यवस्था निगरानी को मजबूत करने और किसी भी विवाद की स्थिति में जांच को आसान बनाने के लिए लागू की गई है।

किसानों और जरूरी सेवाओं को राहत

रबी सीजन की फसल कटाई और थ्रेशिंग के समय किसानों को बड़ी मात्रा में डीजल की आवश्यकता होती है। कई बार हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरण सीधे खेतों में कार्य करते हैं, जिन्हें पेट्रोल पंप तक लाना संभव नहीं होता। इसी व्यावहारिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने किसानों को केन में डीजल लेने की अनुमति देकर बड़ी राहत दी है।

इसी तरह अस्पतालों, बैंकों और सरकारी कार्यालयों में बिजली बैकअप के लिए चलने वाले जनरेटरों के लिए भी यह सुविधा जारी रखी गई है, जिससे आवश्यक सेवाओं पर कोई असर न पड़े।

पुराने आदेशों को लेकर हुआ था भ्रम

हाल ही में पेट्रोल पंप एसोसिएशन द्वारा प्रशासन से SOP को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। पहले जारी निर्देशों में केन में पेट्रोलियम उत्पाद देने पर रोक की बात सामने आई थी, जिससे किसानों और संस्थानों में असमंजस की स्थिति बन गई थी। प्रशासन ने अब स्पष्ट किया है कि आवश्यक सेवाओं और कृषि कार्यों के लिए डीजल की आपूर्ति जारी रहेगी।

निगरानी और पारदर्शिता पर जोर

प्रशासन का कहना है कि संशोधित नियमों का मुख्य उद्देश्य ईंधन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना है। इससे न केवल कालाबाजारी पर नियंत्रण रखा जा सकेगा, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों को समय पर ईंधन उपलब्ध भी कराया जा सकेगा। इसके साथ ही सभी पेट्रोल पंपों पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।