नितिन नबीन निर्विरोध बने बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष, नाम का ऐलान कल, शाह-नड्डा नामांकन में शामिल हुए; पत्नी बोलीं- पार्टी को हीरे की परख

नितिन नवीन को भारतीय जनता पार्टी का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। रिटर्निंग ऑफिसर के लक्ष्मण ने बताया कि उनके पक्ष में 37 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्ताव भी शामिल था। सभी नामांकन वैध पाए गए। 45 वर्षीय नवीन अब देश की सबसे बड़ी पार्टी की कमान संभालेंगे।

नितिन नबीन निर्विरोध बने बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष, नाम का ऐलान कल, शाह-नड्डा नामांकन में शामिल हुए; पत्नी बोलीं- पार्टी को हीरे की परख

बीजेपी संगठन के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने जानकारी दी है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ़ नितिन नबीन का नाम प्रस्तावित हुआ है.

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन अब पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होगें। सोमवार को दिल्ली में पार्टी हेडक्वार्टर में नॉमिनेशन प्रक्रिया की गई। राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा- इस पद के लिए केवल नितिन नबीन का ही नाम प्रस्तावित हुआ है।

उन्होंने कहा कि नितिन नबीन के समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए। नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें सभी वैध पाए गए। अब नितिन के नाम का औपचारिक ऐलान 20 जनवरी को किया जाएगा।

आज हुई नॉमिनेशन प्रक्रिया के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नितिन गडकरी समेत सभी राज्यों के सीएम और सीनियर नेताओं ने नितिन के समर्थन में नामांकन पत्र जमा किया था।

भाजपा ने 16 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। नितिन को 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

नितिन की पत्नी बोलीं- हीरे की परख जौहरी को ही

नितिन की पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने कहा- केंद्रीय नेतृत्व को पहचान है कि कौन व्यक्ति काम करने में सक्षम, हीरे की परख जौहरी को ही होती है। पार्टी ने हीरा चुनकर निकाल लिया। पार्टी के लिए नितिन ने दिन रात मेहनत की। उनकी मेहनत का फल उन्हें मिल गया।

लक्ष्मण बोले- हर सेट पर 20 नेताओं के साइन

राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 36 में से 30 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव पूरे होने के बाद शुरू की गई। जो की 50% जरूरी आंकड़े से ज्यादा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए दाखिल कुल 37 सेट नामांकन पत्रों में से 36 सेट अलग-अलग राज्यों से आए, जिनमें हर सेट पर 20 नेताओं के साइन थे। जबकि एक अलग नॉमिनेशन सेट भाजपा के संसदीय बोर्ड के सदस्यों की ओर से प्रस्तावित किया गया, जिस पर प्रधानमंत्री सहित 37 सांसदों के साइन थे।

नितिन नबीन सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष

भाजपा में अब तक 11 नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। इनमें लालकृष्ण आडवाणी तीन बार अध्यक्ष बने, जबकि राजनाथ सिंह ने दो बार यह जिम्मेदारी संभाली। नितिन नबीन सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं।

गिरिराज सिंह ने कहा कि यह देशभर के राजनेताओं और राजनीतिक दलों को संदेश देता है कि केवल भाजपा में ही एक कार्यकर्ता जमीनी स्तर से ऊंचाइयों तक पहुंचता है, जबकि कांग्रेस में वंशवादी राजनीति के कारण यह असंभव है... प्रधानमंत्री और नितिन नबीन के नेतृत्व में देशभर में होने वाले चुनावों में वे चौके-छक्के लगाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी राज्य में अपनी पकड़ खो चुकी है।

पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने दावा किया कि टीएमसी संविधान का सम्मान नहीं करती और राज्य में संघीय ढांचे का पालन किए बिना शासन चल रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी पहले ही हार चुकी है... ये किस तरह के मुख्यमंत्री हैं जो संविधान का सम्मान नहीं करते... बंगाल पूरे देश का एकमात्र राज्य है जहां संघीय ढांचा नहीं है और संविधान का सम्मान नहीं किया जाता... लेकिन वहां का हिंदू समुदाय इस बार टीएमसी को हरा देगा।