रिपोर्टर के सवाल पर आगबबूला हुए मंत्री तुलसीराम सिलावट, बोले– ‘हिसाब मांगने का अधिकार किसी को नहीं’
ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट मीडिया के सवालों पर बिफर गए. सड़कों की बदहाली और सिंधिया के दौरों के समय ही सक्रिय रहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ''हिसाब मांगने का अधिकार मैं किसी को नहीं देता.''
ग्वालियर दौरे पर पहुंचे प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट पत्रकार के सवाल पर तिलमिलाए गए हैं। साथ ही कहा कि यह पूछने का अधिकार हमने किसी को नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि हम ओलावृष्टि से प्रभावितों की स्थिति की समीक्षा करने आए थे।.
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब प्रभारी मंत्री Tulsi Ram Silawat एक स्थानीय पत्रकार के सवाल पर नाराज हो गए। शहर की खराब सड़कों, अस्पतालों की स्थिति और जनसमस्याओं को लेकर पूछे गए सवाल ने माहौल को अचानक गरमा दिया।
पत्रकार ने सवाल उठाया कि मंत्री केवल केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia के दौरे के दौरान ही ग्वालियर में सक्रिय दिखाई देते हैं, जबकि अन्य समय में उनकी उपस्थिति या प्रतिक्रिया कम नजर आती है। इस टिप्पणी पर मंत्री ने कड़ा एतराज जताया और सवाल पूछने के अंदाज पर आपत्ति दर्ज कराई।
‘भाषा का सही इस्तेमाल करें’
मंत्री सिलावट ने कहा, “सालभर का चार्ट निकालकर देख लीजिए कि प्रभारी मंत्री कितनी बार आया है। आप मुझे निर्देश नहीं देंगे। समस्या से अवगत कराना आपका अधिकार है, लेकिन जिस भाषा का उपयोग किया गया है, वह ठीक नहीं है। यह अधिकार मैं किसी को नहीं देता हूं।”
उन्होंने पत्रकार को “जागरूक” बताते हुए कहा कि जनहित के मुद्दे उठाना अच्छी बात है, लेकिन संवाद की मर्यादा बनी रहनी चाहिए।
‘मेरा लेखा-जोखा पार्टी और सरकार रखती है’
सिलावट ने आगे कहा, “मेरे कामकाज का लेखा-जोखा मेरी पार्टी और मेरी सरकार रखती है। ग्वालियर के हित में जो भी मुद्दे सामने आए हैं, उनके समाधान के लिए सरकार पहले भी सजग थी, अभी भी सजग है और आगे भी रहेगी।”
मंत्री और पत्रकार के बीच हुई इस तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस