MP सरकार का बड़ा एक्शन, फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने वाले CMO को हटाया,महाकुंभ की वायरल गर्ल केस

महाकुंभ की वायरल गर्ल' के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में MP सरकार ने पहली बड़ी गाज गिराई है. नगर परिषद महेश्वर के सीएमओ का तबादला कर दिया गया है, जबकि इस मामले के तार अब 'लव जिहाद' और अंतरराष्ट्रीय संगठनों तक जुड़ते नजर आ रहे हैं.

MP सरकार का बड़ा एक्शन, फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने वाले CMO को हटाया,महाकुंभ की वायरल गर्ल केस

वायरल गर्ल मोनालिसा भोसले का मामला अब एक बड़े प्रशासनिक और कानूनी विवाद में बदल चुका है। प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आई मोनालिसा की शादी और उम्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जांच में दावा किया गया है कि वह नाबालिग हैं और उनके जन्म प्रमाण पत्र में गड़बड़ी पाई गई है।

प्रयागराज महाकुंभ से वायरल हुई मोनालिसा भोसले एक बार फिर चर्चा में हैं। रुद्राक्ष की माला बेचकर सोशल मीडिया पर पहचान बनाने वाली मोनालिसा और फरमान खान की शादी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। अब इस केस में नए खुलासों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

नाबालिग होने की पुष्टि और दस्तावेज रद्द

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह बात सामने आई है कि मोनालिसा नाबालिग हैं। इसके बाद महेश्वर नगर परिषद द्वारा जारी किया गया उनका जन्म प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया है। यह प्रमाण पत्र 5 जून 2025 को जारी हुआ था, जिसमें जन्म वर्ष 2008 बताया गया था। लेकिन जांच में इसे गलत और फर्जी जानकारी पर आधारित पाया गया, जिसके बाद इसे आधिकारिक रिकॉर्ड से हटा दिया गया।

असली जन्म रिकॉर्ड क्या कहते हैं?

महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड के अनुसार मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। इस रिकॉर्ड के आधार पर उनकी उम्र शादी के समय कम पाई गई। बताया गया कि 11 मार्च 2026 को केरल में हुई शादी के समय उनकी उम्र सिर्फ 16 साल 2 महीने थी। यह जानकारी पूरे मामले को और गंभीर बना देती है।

शादी पर उठे गंभीर सवाल

मोनालिसा और फरमान खान की शादी के बाद अब इस पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसमें गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि शादी के समय मोनालिसा को बालिग दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया हो सकता है। फरमान खान उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई भी शुरू

इस मामले में प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाए हैं। महेश्वर नगर परिषद के CMO प्रियंक पंड्या का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें अब धार जिले के धामनोद भेजा गया है। वहीं धामनोद की सीएमओ माया मंडलोई को महेश्वर का नया सीएमओ नियुक्त किया गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है।

राजनीतिक बयान भी आया सामने

खरगोन के भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने इस मामले पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश हो सकती है। उनके अनुसार, एक नाबालिग लड़की को धोखे से बहलाकर शादी के लिए ले जाया गया। उन्होंने इसे लव जिहाद का मामला बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मां ने लगाई मदद की गुहार

मोनालिसा की मां लता भोंसले ने सरकार से अपील की है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी सीधी-सादी है और वह नाबालिग है। उनका आरोप है कि फरमान खान ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया है। मां ने सरकार से अपनी बेटी को वापस लाने और न्याय दिलाने की मांग की है।

जन्म से जुड़ा दावा

परिवार का कहना है कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था। मां के अनुसार, जन्म के समय बच्ची का वजन लगभग 2 किलो 100 ग्राम था। अस्पताल के रजिस्टर में माता-पिता का नाम भी दर्ज है।