कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस को दी चुनौती, जीतू पटवारी ने किया पलटवार, अमृत की जगह जहर पिलाते हो

भागीरथपुरा की घटना को लेकर कैलाश विजयवर्गीय विपक्ष के निशाने पर हैं। एक कार्यक्रम के दौरान वह इंदौर में खूब दहाड़े हैं। साथ ही कहा है कि बेबुनियाद सवाल उठाने वाले लोग इंदौर की जनता की बदनामी कर रहे हैं।

कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस को दी चुनौती, जीतू पटवारी ने किया पलटवार, अमृत की जगह जहर पिलाते हो

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "आज मुख्यमंत्री और कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की 23 हत्याओं की घटना को छोटी सी घटना बताया है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि जो इस पर सवाल पूछते हैं उन्हें शर्म आनी चाहिए.सवाल तो इंदौर और मध्य प्रदेश की लाखों जनता ने पूछा है। जो सरकार एक गिलास शुद्ध जल नहीं दे पा रही है, जिसके कारण 23 मौतें हो गई, वो बेशर्म हैं या सवाल पूछने वाले बेशर्म हैं? मैं इंदौर शहर की जनता से आग्रह करना चाहता हूं कि आपने उन्हें जितने वोट दिए, उसका प्रतिसाद है इस तरह की भाषा.मैं फिर से अनुरोध करता हूं, न्याय करें, सकारात्मक सोचें

जीतू पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है, क्योंकि भागीरथपुरा विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र (इंदौर-1) में आता है और वे स्वयं नगरीय प्रशासन मंत्री भी हैं। पटवारी ने मांग की है कि इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और दोषी अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।

पटवारी ने कहा कि "इंदौर को सफाई में नंबर-1 बताने वाली भाजपा सरकार ने जनता को अमृत की जगह जहर पिला दिया है।" जब एक पत्रकार ने मंत्री विजयवर्गीय से अस्पताल के बिलों के रिफंड और लापरवाही पर सवाल पूछा, तो उन्होंने आपा खो दिया और पत्रकार को 'फोकट के सवाल मत पूछो' कहते हुए कुछ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया।

वीडियो वायरल होने और चौतरफा घिरने के बाद विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर खेद जताया और कहा कि वे पिछले कई दिनों से सोए नहीं हैं और प्रभावितों की सेवा में लगे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 3 अधिकारियों को निलंबित और 1 को बर्खास्त कर दिया है। हालांकि, उन्होंने मौतों के उच्च आंकड़ों को खारिज करते हुए स्थिति को नियंत्रण में बताया।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है।

 इंदौर हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए नगर निगम और प्रशासन को तत्काल साफ पानी और मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जीतू पटवारी ने 11 जनवरी को 'न्याय यात्रा' और विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है।

कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग : जीतू पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है, क्योंकि भागीरथपुरा विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र (इंदौर-1) में आता है और वे स्वयं नगरीय प्रशासन मंत्री भी हैं। पटवारी ने मांग की है कि इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और दोषी अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। पटवारी ने कहा कि "इंदौर को सफाई में नंबर-1 बताने वाली भाजपा सरकार ने जनता को अमृत की जगह जहर पिला दिया है।" जब एक पत्रकार ने मंत्री विजयवर्गीय से अस्पताल के बिलों के रिफंड और लापरवाही पर सवाल पूछा, तो उन्होंने आपा खो दिया और पत्रकार को 'फोकट के सवाल मत पूछो' कहते हुए कुछ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया।

विजयवर्गीय की चुनौती, इंदौर के लिए क्या किया बताएं? 

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने लगातार विरोध कर रही कांग्रेस और आंदोलनकारी लोगों को खुली चुनौती दी, उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, वे पहले यह बताएं कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में क्या-क्या काम किए हैं, अगर वे नहीं बता सकते तो मैं बताने को तैयार हूं कि भारतीय जनता पार्टी ने इंदौर शहर को क्या-क्या दिया है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी मंच पर आने की चुनौती देते हैं, जहां कोई भी आकर अपनी उपलब्धियां गिना दें। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि चुनौतियां हमेशा आती है और आगे भी आती रहेंगी, लेकिन उनसे जूझने की शक्ति होनी चाहिए। सिर्फ एक-दूसरे की बुराई करने से चुनौतियों का सामना नहीं किया जा सकता।

इंदौरी जनता और सम्मान का अपमान : कैलाश

कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि एक घटना को लेकर इंदौर की जनता और सफाईकर्मियों की बदनामी की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्री ने सफाईकर्मियों का जिक्र करते हुए कहा कि क्या आपकी बहन या बेटी रात दो बजे सड़क पर निकलकर सफाई कर सकती है। इंदौर के सफाईकर्मी वह लोग हैं जो रात दो बजे भी शहर को साफ रखने के लिए काम पर निकलते हैं, ऐसे कर्मठ कर्मचारियों पर सवाल उठाना शर्मनाक है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह कहना कि इंदौर को नंबर वन बनाने के लिए गलत दस्तावेज दिए गए, बेहद आपत्तिजनक है। इस तरह के बयान इंदौर की जनता और सफाईकर्मियों का अपमान हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसे आरोप लगाने वालों को इंदौर की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इंदौर नंबर वन था, नंबर वन है और नंबर वन रहेगा। 

जीतू पटवारी का कैलाश को जवाब

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के शर्म आने वाले बयान और विरोधियों के सवालों पर पलटवार किया है। जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी नेता और कैलाश विजयवर्गीय ने दूषित पानी से मौतों की घटना को छोटी बताया है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जो सवाल पूछते हैं, उनको शर्म आनी चाहिए। सवाल तो उमा भारती ने भी पूछा, सुमित्रा जी ने भी पूछा, इंदौर की लाखों जानता ने भी पूछा है। मौतों का जम्मेदार कौन है। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्रीजी-कैलाशजी ऐसी भाषा आपको शोभा नहीं देती, इंदौर की जानता से अपील करूंगा आप अब न्याय करो।