एमपी बरगी डैम हादसा:सीएम मोहन का ऐलान: मृतकों के परिजनों को 4 लाख, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी,दिग्विजय सिंह ने की न्यायिक जांच की मांग
जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने से दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें कई लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये सहायता देने की घोषणा की है, जबकि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
सीएम ने कहा कि आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हादसा हुआ है. इसमें जो जनहानि हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है. मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं
मध्य प्रदेश के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ दर्दनाक क्रूज हादसा पूरे प्रदेश को झकझोर गया। तेज आंधी-तूफान के बीच पर्यटकों से भरा एक लग्जरी क्रूज अचानक संतुलन खो बैठा और गहरे पानी में समा गया। इस हादसे में अब तक 6 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य पर्यटक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और प्रशासन हर संभव प्रयास में जुटा हुआ है।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 5:30 बजे क्रूज में लगभग 30 से अधिक पर्यटक सवार थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा के झोंकों के कारण क्रूज डगमगाने लगा और कुछ ही देर में वह पानी में पलट गया। बरगी डैम का जल स्तर गहरा होने के कारण यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू किया गया और अब तक करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, कई लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
CM मोहन यादव का बयान और मुआवजा घोषणा
घटना के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है और राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य में कोई कमी न छोड़ी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
सीएम ने संबंधित मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए। प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन तेज गति से चल सके।
मंत्री और प्रशासन सक्रिय
घटना के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर राहत कार्यों की समीक्षा की और खुद भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। उनके अनुसार, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल पूरी ताकत के साथ ऑपरेशन चला रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र को सील कर दिया है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, ताकि रेस्क्यू कार्य में कोई बाधा न आए।
दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल
इस हादसे के बाद राजनीति भी गरमा गई है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए न्यायिक/मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं हो सकती, बल्कि इसमें लापरवाही की भी आशंका है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि क्रूज संचालन से जुड़े ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज करने की अपील भी की।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद क्रूज संचालन जारी रखना बड़ी चूक हो सकती है।
यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या क्रूज में पर्याप्त लाइफ जैकेट्स थीं? क्या यात्रियों को सुरक्षा निर्देश दिए गए थे? और क्या मौसम की जानकारी पहले से उपलब्ध थी? इन सभी पहलुओं की जांच की मांग अब तेज हो गई है।
बरगी डैम: पर्यटन का प्रमुख केंद्र
बरगी डैम नर्मदा नदी पर बना एक प्रमुख बांध है, जो न केवल सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी काफी लोकप्रिय है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक बोटिंग और क्रूज राइड का आनंद लेने आते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने पर्यटन सुरक्षा पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
फिलहाल, एसडीआरएफ, गोताखोरों और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। रातभर भी बचाव कार्य जारी रहा
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस