हिंदी थोपी तो मैं आपको लात मारूंगा, राज ठाकरे ने यूपी और बिहार के लोगों पर फिर दिया विवादित बयान

राज ठाकरे ने कहा- उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों को महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मुझे किसी भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर इसे थोपने की कोशिश करोगे तो मैं आपको लात मारूंगा।

हिंदी थोपी तो मैं आपको लात मारूंगा, राज ठाकरे ने यूपी और बिहार के लोगों पर फिर दिया विवादित बयान

राज के बाद रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा मुंबई का नाम बदलकर 'बंबई' रखना चाहती है। उन्होंने इसके लिए तमिलनाडु के भाजपा नेता के अन्नामलाई की टिप्पणियों का हवाला दिया।

Uddhav Thackeray-Raj Thackeray on Maharashtra Politics: कई सालों तक एक दूसरे के खिलाफ तलवार भांजने के बाद अब ठाकरे बंधु महाराष्ट्र की राजनीति में एक साथ आ गए हैं. उद्धव और राज ठाकरे अब अपनी खोई जमीन हासिल करने के लिए एक साथ बीजेपी की फडणवीस सरकार पर निशाने साध रहे हैं. साथ ही उत्तर भारत के लोगों को धमकाने में भी जुटे हैं. 

एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने कहा, 'यूपी और बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हिंदी आपकी भाषा नहीं है. मुझे इस भाषा से नफरत नहीं है. लेकिन अगर आप इसे थोपने की कोशिश करेंगे, तो मैं आपको सबक सिखाऊंगा और लात मारूंगा. महाराष्ट्र के लोगों को डराते हुए राज ठाकरे ने कहा, महाराष्ट्र में हर तरफ से लोग आ रहे हैं और आपका हिस्सा छीन रहे हैं. अगर जमीन और भाषा दोनों चली गईं, तो आपका सफाया हो जाएगा.' 

मनसे सुप्रीमो ने कहा, 'आज यह संकट आपके दरवाजे पर आ गया है. यह मराठी भाषी लोगों का आखिरी चुनाव है. अगर आज आप यह मौका चूक गए, तो आपका सफाया हो जाएगा. मराठी और महाराष्ट्र के लिए एकजुट हो जाइए. मुंबई इतने सारे लोगों के बलिदानों से हासिल हुई है. हम उन्हें क्या कहेंगे?. सुबह 6 बजे नियुक्त किए गए बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) चुनाव के दिन तैयार रहें. सतर्क रहें, सावधान रहें, लापरवाही न करें. अगर कोई दोबारा वोट डालने आए, तो उसे बाहर निकाल दें.'

मुंबई को फिर से बॉम्बे बनाने की चाल- उद्धव ठाकरे

वहीं शिवसेना (यूबीटी) के मुखिया उद्धव ठाकरे ने कहा, 'ठाकरे परिवार के अस्तित्व का पता लगाने वाले लोग अभी पैदा ही नहीं हुए हैं. देवेंद्र फडणवीस कहते हैं कि मुझे उद्धव ठाकरे का विकास पर दिया गया भाषण दिखाओ, मैं तुम्हें 3000 रुपये दूंगा. लेकिन मुझे उनका चुराया हुआ पैसा नहीं चाहिए. मुझे प्रधानमंत्री मोदी का ऐसा भाषण दिखाओ जिसमें उन्होंने हिंदू-मुस्लिम राजनीति न की हो, मैं तुम्हें 1000 रुपये दूंगा.'

उद्धव ने आरोप लगाया, 'यह सब अडानीवाद चल रहा है. क्या यह मुंबई को फिर से बॉम्बे बनाने की उनकी चाल नहीं है? जनता से पूछो कि शिवसेना ने 25 वर्षों में क्या किया और कैसे उन्होंने 3 वर्षों में मुंबई को बर्बाद कर दिया. मुंबई को खून बहाकर हासिल किया गया था. इस हमले को रोकने के लिए आप जैसे सैनिकों के साथ लड़ना हमारा कर्तव्य है. बालासाहेब ठाकरे ने हमें सिखाया था कि अगर कोई तुम पर हाथ उठाए, तो उसका हाथ तोड़ दो. आज ही विभाजन के अभिशाप को दफना दो.'

'बिना टैक्स लगाए 92 हजार करोड़ रुपये जमा किए'

उद्धव ठाकरे के बड़े बेटे आदित्य ठाकरे भी बयानों का तीर चलाने में पीछे नहीं रहे. उन्होंने कहा, 'लोग कहते हैं कि 25 सालों में कुछ नहीं हुआ. अगर आप मुझे नींद से भी जगा दें, तो मैं बता सकता हूं कि हमने 25 सालों में क्या किया है. बिना कोई टैक्स लगाए, हमने 92,000 करोड़ रुपये की जमा राशि एकत्र की. यह जमा राशि मुंबई की सेवा के लिए रखी गई है. लोग कहते हैं, 'काम दिखाओ और 3000 रुपये ले लो.' 3000 रुपये देने के बजाय, पहले वे 2100 रुपये दें जिनका वादा आपने महिलाओं से किया था.'