राहुल गांधी पर आम वोटरों का तीखा हमला – फर्जी वोटरों और अवैध घुसपैठियों को बचाने का आरोप, सोशल मीडिया से देश विरोधी माहौल बनाने की कोशिश

नई दिल्ली में आम वोटरों ने राहुल गांधी पर तीखे वार किए, आरोप लगाया कि वे बार-बार सुप्रीम कोर्ट जाकर फटकार खाते हैं और अब सोशल मीडिया को हथियार बनाकर देश व सेना के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि फर्जी वोटरों और अवैध घुसपैठियों को बचाने के चक्कर में राहुल खुद फंस गए हैं और कोर्ट जाने से बच रहे हैं, क्योंकि वहां उन्हें फिर बेइज्जती और माफी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, "ईको सिस्टम 19" के जरिए संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप भी लगाया गया।

राहुल गांधी पर आम वोटरों का तीखा हमला – फर्जी वोटरों और अवैध घुसपैठियों को बचाने का आरोप, सोशल मीडिया से देश विरोधी माहौल बनाने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट और सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के बयानों को लेकर आम वोटरों की तीखी प्रतिक्रिया, फर्जी वोटरों और अवैध घुसपैठियों को बचाने के आरोप

लोगों के तीखें बोल - राहुल गाँधी जी कोर्ट से फटकार मिलगयी बधाई हो - राहुल गाँधी जी को 7वीं वार माफ़ी मिलगयी बधाई हो - राहुल गाँधी जी को बेल मिलगयी बधाई हो - राहुल गाँधी जी को नोटिस मिल गयी बधाई हो -

अबैध शरणथियों, अबैध घुसपैथियों और अपने प्रिय फ़र्ज़ी वोटरों को बार बार बचाने और ज्ञान बाँटने के के चक्कर में ये ख़ुद ही फंस गए हैं।

बात बात सुप्रीम कोर्ट भागने बालों में अगर अब हिम्मत है तो - जो भी शिकायतें हो, सबूत हो, वो लिखित शपथ-पत्र लेकर तत्काल सुप्रीम कोर्ट जाए - लेक़िन रोज़ रोज़ झूठ ना फैलाएं 

बड़ा सवाल - आखिर हमारे भारत देश और हमारी सैना से इनकी दुश्मनी क्या हैं? भारत में ही रहकर भारत का ही अन्न पानी खाकर भारत को क्यों कमजोर करना चाहते हैं?

राहुल गांधी और सोशल मीडिया के माध्यम से फ़ेक न्यूज़ फैलाके, आम जनता को गुमराह करने और भड़काने के लिए सक्रिय "ईको सिस्टम 19" आखिर भारत की संस्थाओं को बदनाम कर किसका एजेंडा चला रहे हैं? 

और जो भी भारत देश का विरोध करता हैं ये उसी के साथ खड़े हो जाते हैं व उसी का रोना रोने लग जाते हैं ये कैसे सच्चें भारतीय और कहते हैं, हम देश के साथ हैं। कोई भाई बताएगा आखिर ये कैसा साथ हैं?
ब्यूरो सुनील त्रिपाठी प्रखर न्यूज़ ब्यूज एक्सप्रेस
नई दिल्ली। आज़ की चर्चा आम वोटरों ने बताया कि बात बात सुप्रीम कोर्ट भागने बालों में अगर हिम्मत है, तो, जो भी शिकायतें हो, सबूत हो, वो लिखित शपथ-पत्र देकर सुप्रीम कोर्ट चला जाए लेक़िन अब वहां नहीं जाएंगे क्युकी इन सब को पता हैं कि ये विहार, बंगाल और यूपी चुनाव हार रहे हैं तभी ये मीडिया में रोज़ रोज़ नई नई नौटंकी कर रहें हैं। किसने रोका हैं तुमको - अगर तुम्हारे पास इतना भारी सबूत है तो, उन सभी सबूतों की जांच करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में भेजोना सोशल मीडिया में रोज़ रोज़ क्यूँ रो रहे हो। सब को पता हैं तुम्हारी हकीकत की कुछ नहीं है तुम्हारे पास। सिबाए रोने, घोने और बिलाप के अलावा तुम्हारे पास। अगर एक भी सुराग तुम्हारे हाथ होतों तो तुम रातों रात कोर्ट खुलवा लेते और वही हंगामा शुरू कर देते।

ये ज़रूरत से ज्यादा चालक अच्छी तरह जानते हैं कि अबैध शरणथियों, अबैध घुसपैथियों और अपने प्रिय फ़र्ज़ी वोटरों को बार बार बचाने के चक्कर में ये ख़ुद ही बुरी तरह से अब फंस गए हैं। इनको पता हैं अगर इस झूठ के पुलन्दे को लेकर कोर्ट गए तो फिर से 7वी वार तगड़ी फटकार खायेंगे और पूरी दुनियां के सामने बेज्जत अलग से हो जाएंगे फ़िर उसके बाद कोर्ट और चुनाव आयोग से माफी भी मांगनी पड़ेगी।

इसलिए इनको लगता हैं कि सोशल मीडिया को हथियार बनाकर सेफ साइड देश विरोध का खेल खेलना चाहिए और सोशल मीडिया में सक्रिय ईको सिस्टम 19 के माध्यम से आम जनता को गुमराह करने और भड़काने का काम करवाना चाहिए। अगर कोर्ट गए तो ख़ामखा बचीकुची इज्जत भी चली चली जाएगी और पूरी दुनियां इनके झूठ पर हसेगी और मजाक बनाएगी।

बड़ा सवाल - आखिर हमारे भारत देश और हमारी सैना से इनकी दुश्मनी क्या हैं? भारत में ही रहकर भारत को क्यों कमजोर करना चाहते हैं?

राहुल गांधी और सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता को गुमराह करने और भड़काने के लिए सक्रिय "ईको सिस्टम 19" आखिर भारत की संस्थाओं को बदनाम कर किसका एजेंडा चला रहे हैं? 

और जो भी भारत देश का विरोध करता हैं ये उसी के साथ खड़े हो जाते हैं व उसी का रोना रोने लग जाते हैं ये कैसे सच्चें भारतीय और कहते हैं, हम देश के साथ हैं। कोई भाई बताएगा आखिर ये कैसा साथ हैं?