शादी का कार्ड देने के बहाने घर में घुसे, महिला के सिर में मारी गोली; सौतेले बेटों पर हत्या का आरोप
शिवपुरी के डेहरवारा गांव में शादी का कार्ड देने के बहाने आए हमलावरों ने बुजुर्ग महिला रामसखी धाकड़ की घर में घुसकर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। घटना नातिन के सामने हुई। परिजनों ने जमीन विवाद को लेकर सौतेले बेटों पर हत्या कराने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
शादी का कार्ड बहाना, पैर छूकर भरोसा… फिर सिर में गोली मारकर हत्या
शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के डेहरवारा गांव में बुधवार दोपहर हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। तीन अज्ञात हमलावर शादी का कार्ड देने के बहाने एक बुजुर्ग महिला के घर पहुंचे, पहले पैर छूकर विश्वास जीता और फिर सिर में गोली मारकर फरार हो गए। घटना ने न सिर्फ गांव में दहशत फैला दी, बल्कि रिश्तों के भीतर छिपे विवाद और साजिश की आशंका को भी उजागर कर दिया।
घटना ने फैलाया सनसनी का माहौल
दोपहर के समय जब अधिकांश लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे, तभी बाइक सवार तीन युवक डेहरवारा गांव में रामसखी धाकड़ के घर पहुंचे। उन्होंने खुद को शादी का कार्ड देने वाला बताकर दरवाजा खुलवाया। जैसे ही रामसखी ने दरवाजा खोला, एक युवक ने पारंपरिक सम्मान दिखाते हुए उनके पैर छुए। इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती, हमलावर ने बेहद नजदीक से उनके सिर में गोली मार दी।
गोली की आवाज सुनते ही आसपास के लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। खून से लथपथ हालत में रामसखी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नातिन की आंखों के सामने हुआ मर्डर
घटना के समय घर में रामसखी धाकड़ के साथ उनकी नातिन राधिका मौजूद थी। राधिका ने बताया कि तीनों युवक बाइक पर आए थे और सामान्य तरीके से दरवाजा खुलवाया।
उसने बताया कि जैसे ही उसकी दादी ने दरवाजा खोला, एक युवक ने उनके पैर छुए और अचानक गोली चला दी। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। यह दृश्य राधिका के लिए बेहद भयावह और जिंदगी भर न भूलने वाला बन गया।
परिवारिक पृष्ठभूमि और रिश्तों की जटिलता
मामले की गहराई में जाएं तो यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि वर्षों पुराने पारिवारिक संबंधों और विवादों से जुड़ा मामला प्रतीत होता है।
रामसखी धाकड़ के पति लक्ष्मी नारायण धाकड़ ने पहली पत्नी की मृत्यु के बाद करीब 35 साल पहले उनसे दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से उनके तीन बेटे और दो बेटियां थीं। वहीं रामसखी अपने पहले पति से जन्मे बेटे मुनेश को अपने साथ लाई थीं।
रामसखी की शादी के बाद उन्हें कोई संतान नहीं हुई, लेकिन उन्होंने अपने सौतेले बच्चों को भी सगे बच्चों की तरह पाला-पोसा। वर्तमान में उनका बेटा मुनेश धाकड़ इंदौर में अपने परिवार के साथ रहता है और हाल ही में मां के इलाज के लिए गांव आया हुआ था।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह?
घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक लक्ष्मी नारायण के नाम लगभग 35 बीघा जमीन थी, जिसका बंटवारा पहली पत्नी के बच्चों और रामसखी के बीच हो चुका था।
बताया जा रहा है कि रामसखी अपने हिस्से की जमीन अपने बेटे मुनेश धाकड़ के नाम करना चाहती थीं और इसके लिए नामांतरण की प्रक्रिया भी चल रही थी। लेकिन लक्ष्मी नारायण के बेटे—शिवराज, साहब सिंह और रामकृष्ण—इसका विरोध कर रहे थे।
परिजनों का आरोप है कि इसी विवाद के चलते साजिश रची गई और पेशेवर तरीके से हत्या को अंजाम दिया गया।
परिवार ने सौतेले बेटों पर लगाए आरोप
रामसखी के भाई महेश धाकड़ ने सीधे तौर पर सौतेले बेटों पर हत्या कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी बहन ने सभी बच्चों को समान रूप से पाला, लेकिन आज वही बच्चे उनकी जान के दुश्मन बन गए।
महेश धाकड़ ने यह भी बताया कि जून महीने में लक्ष्मी नारायण की ग्वालियर में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। उस समय परिवार के कुछ सदस्य उनके साथ थे। आरोप है कि इसी दौरान घर में ताले तोड़कर सोना-चांदी भी हड़प लिया गया था, लेकिन उस समय मामला दबा दिया गया।
अब जमीन को लेकर विवाद बढ़ने के बाद यह घटना सामने आई, जिससे परिवार के भीतर की दरार खुलकर सामने आ गई।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही तेंदुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ ने बताया कि अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही परिवार के सदस्यों और गांव के लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के पीछे की साजिश का खुलासा किया जा सके।
गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल
इस घटना के बाद पूरे डेहरवारा गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि दिनदहाड़े इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों में आक्रोश भी है कि अगर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। वहीं परिवार के सदस्य न्याय की मांग कर रहे हैं और आरोपियों को कड़ी सजा देने की बात कह रहे हैं।
रिश्तों में अविश्वास की दर्दनाक तस्वीर
यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने और विश्वास के खत्म होने की भी कहानी है। जिस महिला ने अपने सौतेले बच्चों को स्नेह और देखभाल दी, उसी पर आज हत्या की साजिश का आरोप लग रहा है।
शादी का कार्ड जैसे सामाजिक और खुशियों से जुड़े बहाने का इस्तेमाल कर इस तरह की हत्या ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है।
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है—क्या यह वाकई जमीन विवाद का नतीजा है या इसके पीछे कोई और साजिश छिपी है, इसका खुलासा आने वाले दिनों में ही हो सकेगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस