दिग्विजय सिंह समेत 200 कार्यकर्ता हिरासत में, NEET पेपर लीक के विरोध में CM हाउस घेरने निकली NSUI पर पुलिस ने चलाए वॉटर कैनन
नीट (NEET) पेपर लीक मामले के विरोध में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे एनएसयूआई (NSUI) कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वॉटर कैनन का उपयोग कर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कर दिया।
रेडक्रॉस चौराहे पर रोका गया मार्च
बैरिकेडिंग पर चढ़े NSUI कार्यकर्ता
पांच बार चला वॉटर कैनन
जूता फेंकने से बढ़ा तनाव
दिग्विजय सिंह समेत 200 कार्यकर्ता हिरासत में
भोपाल। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों के विरोध में शुक्रवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने बड़ा प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री निवास के घेराव के लिए निकले सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रेडक्रॉस चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई तथा हालात तनावपूर्ण हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पांच बार वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। पूरे घटनाक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित करीब 200 कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन की शुरुआत सुबह से ही हो गई थी। प्रदेशभर से आए एनएसयूआई कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचकर विरोध दर्ज कराना था, लेकिन पुलिस ने रेडक्रॉस चौराहे पर ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए बैरिकेडिंग कर दी।
जैसे ही प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और उसे पार करने का प्रयास करने लगे। लगातार बढ़ते दबाव और भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पहले समझाइश दी, लेकिन जब प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए तो वॉटर कैनन का सहारा लिया गया। पुलिस ने एक-दो नहीं बल्कि पांच बार पानी की तेज बौछारें छोड़ीं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
वॉटर कैनन की तेज धार के बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के सामने डटे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस की ओर जूता भी फेंक दिया। इस घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी जताई और माइक के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अभद्रता या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस और एनएसयूआई के लगभग 200 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को बसों में बैठाकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। इस कार्रवाई के दौरान भी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं ने देशभर के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उनका कहना था कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण उनकी मेहनत पर सवाल खड़े हो जाते हैं। नेताओं ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शन स्थल पर एक समय अव्यवस्था की स्थिति भी देखने को मिली। बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता मंच पर चढ़ गए, जिससे भीड़ बढ़ने लगी। हालात को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से ही कार्यकर्ताओं से नीचे उतरने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने का आग्रह किया तथा कहा कि वरिष्ठ नेताओं को सम्मानपूर्वक मंच तक पहुंचने दिया जाए।
मंच के आसपास बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखकर दिग्विजय सिंह ने शुरुआत में मंच पर जाने से इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें सुरक्षित रूप से मंच तक पहुंचाया, जिसके बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और छात्रों के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का भरोसा दिलाया।
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, सुखदेव पांसे, कमलेश्वर पटेल, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पूरे प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों को कठोर सजा दी जाए तथा छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वहीं पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते स्थिति को नियंत्रित रखा गया और किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस