10 दिन तक लिफ्ट से कुचलता रहा बुजुर्ग का शव:डक्ट में दबकर बुजुर्ग की दर्दनाक मौत, तेज बदबू आने पर खुलासा

राजधानी भोपाल की पॉश कॉलोनी चिनार ड्रीम सिटी में लिफ्ट से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। होशंगाबाद रोड स्थित इस हाई-राइज सोसाइटी में 77 वर्षीय बुजुर्ग तीसरी मंजिल से लिफ्ट की डक्ट में गिर गए थे।

10 दिन तक लिफ्ट से कुचलता रहा बुजुर्ग का शव:डक्ट में दबकर बुजुर्ग की दर्दनाक मौत, तेज बदबू आने पर  खुलासा

भोपाल के मिसरोद स्थित चिनार ड्रीम सिटी कॉलोनी में एक 77 वर्षीय बुजुर्ग की लिफ्ट डक्ट में दबकर मौत हो गई। 11 दिन से लापता बुजुर्ग का शव तेज दुर्गंध आने पर मिला। परिजनों ने कॉलोनी के खराब रखरखाव और लिफ्ट के चैनल गेट में खराबी पर सवाल उठाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

भोपाल की पॉश कॉलोनी चिनार ड्रीम सिटी में एक खराब लिफ्ट ने 77 साल से बुजुर्ग की जान ले ली। होशंगाबाद रोड स्थित इस हाई-राइज सोसाइटी में बुजुर्ग तीसरी मंजिल से लिफ्ट की डक्ट में गिर गए। करीब 8 दिन बाद बदबू फैलने पर लिफ्ट डक्ट की जांच की गई, तब जाकर बुजुर्ग का शव बरामद हुआ।.सोसाइटी वालों का कहना है कि कई बार ऐसे फ्लोर पर भी लिफ्ट का गेट खुल जाता था, जहां लिफ्ट पहुंचती ही नहीं। इसी लापरवाही के चलते बुजुर्ग के तीसरी मंजिल स्थित फ्लैट के सामने लिफ्ट डक्ट का गेट खुला हुआ था, जिससे उनके डक्ट में गिरने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान प्रीतम गिरी गोस्वामी के रूप में हुई है।

वे अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर डी-304 में अपने बेटे के साथ रहते थे। उनका बेटा इलाके में किराने की दुकान चलाता है। 10 जनवरी को प्रीतम गिरी घर से लापता हो गए थे, जिसके बाद परिजनों ने उसी दिन मिसरोद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि जांच कर रहे हैं।

खामी पहले से थी, फिर भी ठीक क्यों नहीं हुई?

सोसाइटी प्रबंधन का कहना है कि घटना के समय लिफ्ट खराब होने के कारण बंद थी। शनिवार रात लिफ्ट के पास तेज बदबू फैलने लगी, जिसके बाद टेक्नीशियन को बुलाकर लिफ्ट डक्ट की जांच कराई गई। नीचे शव दिखाई देने पर पुलिस को सूचना दी गई। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान की।

रहवासियों का कहना है कि खराब लिफ्ट की शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन बिल्डर और सोसाइटी प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उनका आरोप है कि समय रहते तकनीकी खामी दूर कर दी जाती, तो हादसा टल सकता था।

लिफ्ट फ्लोर लेवल पर न हो तो लैंडिंग फ्लोर का दरवाजा खुल नहीं सकता, क्योंकि सिस्टम इंटरलॉक होता है। यदि फिर भी दरवाजा खुले, तो यह तकनीकी खामी है। ऐसी स्थिति में तुरंत मेंटेनेंस टीम को बुलाएं। तब तक चेतावनी बैरिकेड लगाकर दरवाजा बंद रखें, ताकि बुजुर्ग या बच्चे हादसे का शिकार न हों।

मैकेनिक ने चेक किया, तब पता चला

बताया गया कि बदबू आने पर बिल्डिंग प्रबंधन ने लिफ्ट मैकेनिक को बुलाया। जांच के दौरान नीचे उतरते ही मैकेनिक और स्टाफ के होश उड़ गए, जब उन्होंने लिफ्ट डक्ट में बुजुर्ग का शव देखा। सूचना मिलने पर मिसरोद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीएम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तीसरी मंजिल पर रहते थे बुजुर्ग

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 77 वर्षीय प्रीतम गिरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ चिनार ड्रीम सिटी कॉलोनी के डी-ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर रहते थे। वे पेशे से व्यापारी थे और वर्तमान में उनका बेटा मनोज व्यवसाय संभाल रहा है।

घर से धूप सेंकने निकले थे

स्वजन ने बताया कि 11 दिन पहले दोपहर करीब 12 बजे प्रीतम गिरी गोस्वामी घर से यह कहकर निकले थे कि वे नीचे धूप सेंकने जा रहे हैं। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने आसपास तलाश की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मिसरोद थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भी जांच की, लेकिन कॉलोनी में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण कोई सुराग नहीं मिल सका।

मेंटेनेंस पर सवाल, लापरवाही की आशंका

परिजनों ने कॉलोनी प्रबंधन और मेंटेनेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि हर महीने डेढ़ हजार रुपये से अधिक मेंटेनेंस देने के बावजूद लिफ्ट अक्सर खराब रहती है और उसका चैनल गेट भी ठीक नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि घटना वाले दिन बुजुर्ग ऊपर से आ रही लिफ्ट का इंतजार कर रहे होंगे। चैनल गेट खुला होने और पैर फिसलने से वे नीचे गिर गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।

इस दर्दनाक घटना ने कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था, मेंटेनेंस और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।