सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन,VIT मामले पर CM ने दिए प्रभारी मंत्री को तत्काल दौरे के निर्देश, निजी यूनिवर्सिटी की उच्च स्तरीय समीक्षा होगी

VIT यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में खाने और पानी की क्वालिटी खराब होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र बीमार पड़ रहे हैं और उनमें पीलिया के लक्षण दिख रहे हैं. इसी मुद्दे को लेकर किया गया विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया.

सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन,VIT मामले पर CM ने दिए प्रभारी मंत्री को तत्काल दौरे के निर्देश, निजी यूनिवर्सिटी की उच्च स्तरीय समीक्षा होगी

वीआईटी यूनिवर्सिटी (VIT भोपाल-सीहोर कैंपस) में बुधवार को भी छात्रों का उग्र प्रदर्शन जारी रहा। हंगामा इतना बढ़ा कि पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करनी पड़ी। CM डॉ. मोहन यादव ने घटना का संज्ञान लेते हुए मंत्री को दौरा करने के निर्देश दिए हैं। देर रात प्रबंधन ने सभी 16 हजार छात्रों को मेल भेजकर कैंपस तुरंत खाली करने के निर्देश दिए।

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित वीआईटी (VIT) यूनिवर्सिटी में छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शन और आगजनी की घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने तत्काल प्रभाव से जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर को परिसर का दौरा करने और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को निजी विश्वविद्यालयों की उच्च स्तरीय समीक्षा करने का निर्देश दिया है. 

CM यादव ने 'X' पर पोस्ट कर बताया, ''सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर को अविलंब परिसर का दौरा कर छात्र-छात्राओं व प्रबंधन से संवाद स्थापित करने और आवश्यक कदम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार को निजी विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की उच्च स्तरीय समीक्षा करने और छात्र हितों से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए हैं.

वहीं, जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी विद्यार्थियों के भोजन-पानी से संबंधित समस्या को संज्ञान में लेकर त्वरित निराकरण करने के लिए निर्देशित किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों का हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.''  

नेता प्रतिपक्ष ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को घेरा

इस पूरे विवाद पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी कड़ा बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी तमिलनाडु यूनिवर्सिटी की ब्रांच है और इसके प्रबंधन को यह समझना चाहिए कि जब वे छात्रों से पैसा ले रहे हैं तो उन्हें बदले में सुविधाएं भी मिलनी चाहिए. सिंघार ने सीधा सवाल किया कि छात्र अगर वहां कंप्लेंट कर रहे हैं तो उनकी बात क्यों नहीं सुनी जाती? यूनिवर्सिटी वाले क्या सिर्फ पैसा कमाना चाहते हैं?" उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल संस्थान की ही नहीं, सरकार और सिस्टम की भी लापरवाही है.

फिलहाल 8 दिसंबर तक के लिए बंद है यूनिवर्सिटी

वीआईटी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रह रहे लगभग 4,000 छात्र लंबे समय से घटिया भोजन और दूषित पानी की शिकायत कर रहे थे.छात्रों का आरोप है कि खराब खाने-पानी की वजह से कैंपस में पीलिया का प्रकोप फैल गया है. खबरों के अनुसार, लगभग 100 छात्र पीलिया के गंभीर लक्षणों के साथ सीहोर, आष्टा और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती हैं. कुछ छात्रों ने तो कथित तौर पर पीलिया से मौत होने का भी दावा किया, हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इससे इनकार किया है. छात्रों का गुस्सा तब और भड़क गया जब शिकायत करने पर हॉस्टल वार्डन और गार्ड्स ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट कर उन्हें चुप रहने के लिए दबाव बनाया.मंगलवार देर रात छात्रों का गुस्सा बेकाबू हो गया और उन्होंने तोड़फोड़ व आगजनी शुरू कर दी. गुस्साए छात्रों ने बसों, कारों और यहां तक कि एक एम्बुलेंस को भी फूंक दिया. हालात बिगड़ने पर कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी. इसके बाद यूनिवर्सिटी को 8 दिसंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है.