67 की उम्र में कमाल: ओ.पी. तिवारी ने दिल्ली में जीता अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिताब, बरेली का नाम किया रोशन

67 वर्षीय ओ.पी. तिवारी ने नई दिल्ली में आयोजित पी.आर. दत्ता मेमोरियल अंतरराष्ट्रीय फीडे रेटेड रेपिड शतरंज प्रतियोगिता की वेस्ट वेटरन कैटेगरी में प्रथम स्थान हासिल कर बरेली और मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया।

67 की उम्र में कमाल: ओ.पी. तिवारी ने दिल्ली में जीता अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिताब, बरेली का नाम किया रोशन

राजेंद्र सिंह राजपूत

पी.आर. दत्ता मेमोरियल फीडे रेटेड रेपिड शतरंज प्रतियोगिता में वेस्ट वेटरन कैटेगरी में प्रथम स्थान, युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

 बरेली।बरेली के वरिष्ठ शतरंज खिलाड़ी ओ.पी. तिवारी ने 67 वर्ष की आयु में शानदार प्रदर्शन करते हुए नई दिल्ली में आयोजित पी.आर. दत्ता मेमोरियल अंतरराष्ट्रीय फीडे रेटेड रेपिड शतरंज प्रतियोगिता में वेस्ट वेटरन कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है और जुनून के आगे कोई बाधा नहीं टिकती।

यह प्रतियोगिता नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-13 स्थित अभिनव ग्लोबल स्कूल में आयोजित की गई थी, जिसमें देश-विदेश के पांच सौ से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच ओ.पी. तिवारी ने अपने अनुभव और रणनीतिक कौशल के दम पर सभी प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।

ओ.पी. तिवारी पेशे से सेवानिवृत्त शासकीय शिक्षक हैं और लंबे समय से शतरंज के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। सेवा काल के दौरान भी उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अनेक पुरस्कार अपने नाम किए। वे मध्यप्रदेश की शतरंज टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं और टीम को कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दिला चुके हैं।

क्षेत्र में वे एक कुशल और अनुभवी खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में कई युवा खिलाड़ी शतरंज सीख रहे हैं और प्रतियोगिताओं में भाग लेकर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। तिवारी न केवल स्वयं खेलते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी इस खेल के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अपनी सफलता के बाद ओ.पी. तिवारी ने बताया कि मध्यप्रदेश में शतरंज को लेकर शासन स्तर पर विशेष पहल की कमी है, जिससे खिलाड़ियों का उत्साह प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह यहां भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शतरंज प्रेमियों और नागरिकों में खुशी का माहौल है। नारायण राय, प्रदीप रावत, पुनीत चांडक सहित अनेक लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।