बांग्लादेश में एक और हिंदू का क़त्ल , मुस्लिम दोस्त ने चलाई गोली, 15 दिनों में तीसरी घटना

बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या कर दी गई है. यह मामला उसी मयमनसिंह जिले का है, जहां 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया था और फिर बीच चौराहे पर उसके शव को जला दिया गया था. पिछले 15 दिनों में यह तीसरा मामला है, जब बांग्लादेश में हिंदू युवक मारा गया है. इससे पहले ढाका में अमृत मंडल की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उस पर हफ्ता मांगने का आरोप लगाया गया था.

बांग्लादेश में एक और हिंदू का क़त्ल , मुस्लिम दोस्त ने चलाई गोली, 15 दिनों में तीसरी घटना

यह वारदात सोमवार, 29 दिसंबर की शाम करीब 6:45 बजे मेहराबारी इलाके में स्थित सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड (लाबीब ग्रुप) के अंदर हुई. फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा ड्यूटी के दौरान बजेंद्र बिस्वास (42) की गोली लगने से मौत हो गई. पुलिस ने आरोपी नोमान मिया (29) को गिरफ्तार कर लिया

पहले दीपू चंद्र दास, फिर अमृत मंडल और अब बजेंद्र बिस्वास... बांग्लादेश में हिंदू निशाने पर हैं. 13 दिन के अंदर ये 3 हत्याएं पड़ोसी देश की हकीकत बताती हैं. वैसे तो बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर लंबे समय से हो रहे अत्याचारों की लंबी लिस्ट है, लेकिन दिसंबर का यह महीना वहां हिंदुओं के लिए किसी कयामत से कम नहीं रहा. दीपू चंद्र दास की बर्बरतापूर्ण हत्या से शुरू हुआ यह सिलसिला अब बजेंद्र बिस्वास तक पहुंच गया है.

हादी की हत्या की नफरत में हदें पार

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन और मोहम्मद यूनुस की अगुआई में अंतरिम सरकार बनने के बाद से अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं. नफरत की इस आग में घी का काम किया, इंकलाब मंच के कट्टरपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी के साथ हुई घटना ने. हादी को 12 दिसंबर को ढाका में बाइक सवार दो हमलावरों ने गोली मार दी थी. 18 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान हादी ने दम तोड़ दिया. इसके बाद से बांग्लादेश नफरत की आग में धधक रहा है. 

अंसार मेंबर बजेंद्र बिस्वास: मुस्लिम साथी ने ही दागी गोली 

तीसरी अब उसी मयमनसिंह जिले में हुई है, जहां दीपू सिंह की लिंचिंग की गई थी. जिले के भालुका में सोमवार की शाम 40 वर्षीय बजेंद्र बिस्वास की हत्या उसके ही मुस्लिम सहकर्मी नोमान मियां ने कर दी. बिस्वास बांग्लादेश के ग्रामीण अर्धसैनिक बल अंसार के सदस्य थे और एक फैक्ट्री में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे.

सुल्ताना स्वेटर्स फैक्ट्री में बिस्वास समेत 20 अंसार सदस्यों की तैनाती की गई थी. बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट्स बताती हैं कि बिस्वास और नोमान आसपास बैठे थे, उसी दौरान नोमान ने बिस्वास की तरफ बंदूक तानकर कहा कि मैं गोली मार दूंगा और उसने ट्रिगर दबा दिया. गोली जांघ पर लगी, जिससे काफी खून बह जाने से बिस्वास की मौत हो गई. यह घटना दिखाती है कि पड़ोसी देश में कथित कट्टरपंथ की आग से अब सुरक्षा बल भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं.