जय शाह के हस्तक्षेप के बाद प्रतिका रावल को मिला मेडल, इंजरी के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गई थीं; बोलीं- मुझे शेफाली पर भरोसा था
प्रतिका रावल ने महिला विश्व कप 2025 की छह पारियों में 308 रन बनाए थे। उनके नाम एक शतक और एक अर्धशतक दर्ज हुआ था। वह सेमीफाइनल से पहले चोटिल होकर स्क्वाड से बाहर हो गई थीं।
भारतीय महिला टीम के विश्व विजेता बनने के बाद भारतीय खिलाड़ियों को विजेता मेडल भी दिया गया था लेकिन फाइनल मैच में आखिरी 15 में नाम होने के कारण प्रतीका रावल को वर्ल्ड कप मेडल नहीं मिला था जिसनेफैन्स को और खुद उनको निराश कर दिया था.
नई दिल्ली. कभी ज़िंदगी मैदान से बाहर कर देती है, पर असली खिलाड़ी वही होता है जो खेल से नहीं, हौसले से जीतता है. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है क्रिकेटर प्रतिका रावल की वो खिलाड़ी जिसने अपने जज़्बे, संघर्ष और मुस्कान से पूरे देश का दिल जीत लिया. टूर्नामेंट के दौरान प्रतिका ने शानदार बल्लेबाजी कर अपनी टीम को कई अहम मौकों पर मज़बूती दी. लेकिन सेमी फाइनल मैच से ठीक पहले आई एक गंभीर चोट ने उन्हें मैदान से दूर कर दिया.
टीम ने खिताब जीता, पर उस वक्त प्रतिका के गले में विजेता वाला मेडल नहीं सज सका. फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. वो अपनी टीम के साथ खड़ी रहीं, अपने साथियों की जीत पर ताली बजाई, और मुस्कान के साथ कहा मेरा सपना अभी अधूरा नहीं है. समय बीतता गया, लेकिन किस्मत ने आखिर वो पल फिर लौटाया. ICC President जय शाह को जब इस कहानी के बारे में पता चला, तो उन्होंने खुद पहल करते हुए सुनिश्चित किया कि प्रतिका रावल को उनका विजेता मेडल मिले वही सम्मान, जिसकी हकदार वो शुरू से थीं.
भारत की सलामी बल्लेबाज प्रतीका रावल ने पुष्टि की है कि उन्हें आईसीसी महिला विश्व कप 2025 विजेता का पदक मिलेगा हालाँकि, बांग्लादेश के खिलाफ भारत के आखिरी लीग मैच के दौरान टखने में लगी चोट के कारण वह टूर्नामेंट के अंतिम दो मैच नहीं खेल पाईं न्यूज़18 के साथ एक विशेष बातचीत में, रावल ने खुलासा किया कि आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने व्यक्तिगत रूप से सुनिश्चित किया कि उन्हें पदक मिले. जय शाह ने हमारे मैनेजर को मैसेज किया कि मैं प्रतीका के लिए पदक की व्यवस्था करना चाहता हूँ,” रावल ने न्यूज़18 को बताया “तो, आखिरकार, अब मेरे पास मेरा अपना पदक है. पहली बार जब मैंने इसे (सपोर्ट स्टाफ द्वारा उन्हें दिया गया पदक) खोला और उसकी ओर देखा, तो मेरी आँखों में आँसू आ गए. मैं ज़्यादा रोने वाला इंसान नहीं हूँ, लेकिन वह भावना सच्ची थी, हमारे साथ जुड़ने का वह एहसास. व्हीलचेयर पर बैठी प्रतिका के गले में जब मेडल डाला गया, तो उनकी आँखों में खुशी के आँसू थे पर उन आँसुओं में सिर्फ खुशी नहीं, बल्कि संघर्ष, गर्व और संतोष की चमक थी.
भारत ने पिछले रविवार को दक्षिण अफ्रीका को हराकर अपना पहला आईसीसी महिला विश्व कप खिताब जीता. रावल की जगह ली गई शेफाली वर्मा सहित विजेता टीम की सभी 15 सदस्यों को उनके पदक मिले. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ भारतीय टीम की मुलाकात के दौरान जिस पदक के साथ उन्होंने पोज़ दिया था, वह उन्हें सपोर्ट स्टाफ के एक सदस्य ने दिया था. प्रतिका हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलीं. दोनों ने उनके जज़्बे और सकारात्मक सोच की सराहना की.
जय शाह ने की प्रतिका के लिए मेडल की व्यवस्था
अब प्रतिका को मेडल मिल गया है। गुरुवार को जब वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए पहुंचीं थीं, तब उन्होंने मेडल पहन रखा था। प्रतिका ने सीएनएन न्यूज 18 से कहा, जय शाह ने हमारे मैनेजर को मैसेज किया कि मैं प्रतीका के लिए पदक जीतने की व्यवस्था करना चाहता हूं। तो, अब मेरे पास मेरा अपना पदक है। जब मैंने पहली बार उसे (सपोर्ट स्टाफ द्वारा दिया गया पदक) खोला और उसकी तरफ देखा, तो मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैं ज्यादा रोने वाली इंसान नहीं हूं, लेकिन वो एहसास सच्चा था, हमारे साथ जुड़ने का वो एहसास।'
क्या कहते है आईसीसी के नियम
आईसीसी जब कोई टूर्नामेंट कराता है तो पंद्रह खिलाड़ियों की सूची हर देश से मांगी जाती है और उनके साथ टीम के स्पोर्ट स्टाफ की लिस्ट जाती है. कोई खिलाड़ी यदि बीच टूर्नामेंट में चोटिल होकर बाहर हो जाता है तब उस दशा में जो खिलाड़ी टीम के साथ जोड़ा जाता है उसी को मेडल मिलता है. ये तो आईसीसी चीफ जय शाह का बड़प्पन है कि प्रतिका रावल 15 सदस्यीय टीम में नहीं थी फिर भी उनके लिए नियम को तोड़ते हुए पहली बार किसी आईसीसी टूर्नामेंट में 16 सदस्य को मेडल दिया गया.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस