रेस्क्यू कर 26 नाबालिग छुड़ाए, उज्जैन-नागदा में रोकी अंत्योदय एक्सप्रेस, अहमदाबाद ले जाए जा रहे बच्चों की तस्करी का शक

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर गुरुवार रात बच्चों की तस्करी की सूचना पर बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अंत्योदय एक्सप्रेस को उज्जैन और नागदा स्टेशन पर रोककर पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी और CWC की टीम ने सर्चिंग कर 26 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना थी कि बच्चों को मजदूरी के लिए मुजफ्फरनगर से अहमदाबाद ले जाया जा रहा है। फिलहाल सभी बच्चों को संरक्षण में रखकर पूछताछ की जा रही है और मामले में तस्करी की आशंका को लेकर जांच जारी है।

रेस्क्यू कर 26 नाबालिग छुड़ाए, उज्जैन-नागदा में रोकी अंत्योदय एक्सप्रेस, अहमदाबाद ले जाए जा रहे बच्चों की तस्करी का शक

रेस्क्यू ऑपरेशन में 26 नाबालिग छुड़ाए, उज्जैन-नागदा में अंत्योदय एक्सप्रेस रोकी, बच्चों की तस्करी का शक

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर गुरुवार रात बच्चों की तस्करी की सूचना ने प्रशासन को अलर्ट मोड में ला दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, बाल कल्याण समिति (CWC), श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने अंत्योदय एक्सप्रेस ट्रेन में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। यह अभियान देर रात 3 बजे तक जारी रहा, जिसमें कुल 26 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल सभी बच्चों को संरक्षण में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले में बाल तस्करी की आशंका को लेकर जांच तेज कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, बाल कल्याण समिति को इनपुट मिला था कि करीब 100 बच्चों को मजदूरी के लिए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गुजरात के अहमदाबाद ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उज्जैन में तत्काल चार थानों का पुलिस बल तैनात किया गया। इसके साथ ही आरपीएफ, जीआरपी, श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमों को भी सक्रिय कर संयुक्त कार्रवाई की रणनीति बनाई गई।

गुरुवार रात करीब 11 बजे जैसे ही अंत्योदय एक्सप्रेस उज्जैन रेलवे स्टेशन पहुंची, पहले से तैयार टीमों ने ट्रेन में सघन सर्चिंग अभियान शुरू किया। करीब आधे घंटे तक अलग-अलग कोचों में तलाशी ली गई और 50 से अधिक बच्चों व उनके साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। शुरुआती जांच में 4 बच्चों को संदिग्ध स्थिति में पाया गया, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू कर ट्रेन से उतार लिया गया। हालांकि, इस दौरान ट्रेन अपने निर्धारित समय पर आगे बढ़ गई, जिससे टीम को ऑपरेशन जारी रखने के लिए अगला कदम उठाना पड़ा।

रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहीं सीएसपी दीपिका शिंदे ने तत्परता दिखाते हुए नागदा रेलवे स्टेशन को सूचना दी और ट्रेन को वहां रुकवाने के निर्देश दिए। नागदा स्टेशन पर पहले से अलर्ट टीम ने ट्रेन पहुंचते ही दोबारा सर्चिंग शुरू की। यहां करीब एक घंटे तक चले सघन अभियान में 22 और नाबालिग बच्चों को ट्रेन से उतारा गया। इस तरह उज्जैन और नागदा में हुई संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुल 26 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, नागदा से उतारे गए सभी बच्चे नाबालिग हैं, जिनमें से दो बच्चों की उम्र 14 वर्ष से भी कम बताई जा रही है। सभी बच्चों को फिलहाल उज्जैन जीआरपी के सुपुर्द किया गया है। इसके साथ ही बच्चों के परिजनों से संपर्क साधने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि उनकी पहचान और पारिवारिक स्थिति की पुष्टि की जा सके। फिलहाल बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) उज्जैन के संरक्षण में रखा जाएगा, जहां उनकी काउंसलिंग और आवश्यक देखभाल की जाएगी।

प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका है कि इन बच्चों को मजदूरी के लिए गुजरात ले जाया जा रहा था। हालांकि, पूछताछ के दौरान कुछ बच्चों ने यह भी बताया कि वे सोमनाथ और अन्य धार्मिक स्थानों पर घूमने के लिए जा रहे थे। ऐसे में पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह मामला वास्तव में तस्करी का है या किसी और प्रकार की संगठित गतिविधि का हिस्सा।

श्रम विभाग की सहायक आयुक्त राखी जोशी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि चार लोग 100 से अधिक नाबालिग बच्चों को गुजरात ले जा रहे हैं। इस इनपुट के आधार पर ही पूरी कार्रवाई की गई। फिलहाल विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बच्चों को किस उद्देश्य से और किन व्यक्तियों द्वारा ले जाया जा रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क या गिरोह सक्रिय है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और बाल तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर जांच में जुटी हुई हैं, ताकि इस मामले की तह तक पहुंचा जा सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।