"वी.पी. सिंह की नैतिक राजनीति आज भी प्रेरणा-स्रोत : पुण्यतिथि पर गोष्ठी में गूँजी यादें
पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने उनकी नैतिक, मूल्य आधारित और त्यागपूर्ण राजनीति को आज के दौर के लिए प्रेरणादायक बताया। डॉ. आदित्य कुमार ने कहा कि उनके राजनीतिक आदर्श अनुकरणीय हैं, जबकि पत्रकार के.पी. सिंह ने मंडल आयोग लागू करने के फैसले को उनकी न्यायप्रियता का उदाहरण बताया। वक्ताओं ने उन्हें समता, शुचिता और सामाजिक परिवर्तन का अग्रदूत बताते हुए कहा कि वी.पी. सिंह पद के मोह से दूर एक सिद्धांतवादी नेता थे। कार्यक्रम में कई बुद्धिजीवी और समाजसेवी मौजूद रहे।
"वी.पी. सिंह का त्याग और नैतिक राजनीति आज भी मार्गदर्शक"
"नैतिक मूल्यों के प्रतीक वी.पी. सिंह को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि"
"समानता और शुचिता के प्रहरी थे वी.पी. सिंह : गोष्ठी में वक्ताओं के विचार"
उरई. पूर्व प्रधानमंत्री वी पी सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जय करन के आवास पर उन्हीं की अध्यक्षता में शनिवार को एक गोष्ठी आयोजित की गयी.
इस अवसर पर डी वी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ आदित्य कुमार ने वी पी सिंह की नैतिक, मूल्य आधारित और त्याग पूर्ण राजनीति को प्रेरणादायक बताया और कहा कि आज के नेताओं को उनके पदचिन्हो का अनुसरण करना चाहिए. पत्रकार के पी सिंह ने कहा कि न्याय भावना उनकी नैतिक राजनीति की अनिवार्य परिणति थी. इसलिए मंडल रिपोर्ट लागू करने के उनके फैसले को निरी राजनीति मानने वाले गलत हैँ. ट्रेड यूनियन नेता आदित्य मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले को अपना दामन बेदाग़ रखने में कोई चूक नहीं करनी चाहिए. समाजवादी चिंतक नेतराम निरंजन ने कहा कि समता और शुचिता राजनीति के लिए आवश्यक तत्व हैँ. वी पी सिंह इस कसौटी पर खरे साबित हुए इसलिए वे महान हैँ.शिवपाल सिंह निरंजन ने वी पी सिंह को सामाजिक परिवर्तन का अग्रदूत बताया. पूर्व ब्लाक प्रमुख अरुण सिंह सेंगर ने कहा कि वी पी सिंह को पद का कोई मोह नहीं था. संयुक्त मोर्चा सरकार के समय उन पर प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने का बहुत दवाब डाला गया पर वे तैयार नहीं हुए. डॉ रामवीर सिंह सेंगर, अंकित दीक्षित,देवेंद्र सिंह आज़ाद, कैलाश कुमार,दीपक सिंह परिहार आदि भी मौजूद रहे.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस