पश्चिम एशिया संकट से गारमेंट निर्यातकों के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों पर टेक्सटाइल गारमेंट कमेटी ने जताई चिंता,निर्यातकों को बीमा सहायता देने के सरकार के कदम का स्वागत – चम्पालाल बोथरा(CAIT)
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री मार्गों में व्यवधान से भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट निर्यातकों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। बढ़ते समुद्री मालभाड़े, एयर फ्रेट और बीमा प्रीमियम के कारण निर्यात लागत में भारी वृद्धि हुई है, जिससे छोटे और मध्यम निर्यातक अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
पश्चिम एशिया संकट और समुद्री मार्गों में व्यवधान से बढ़ी निर्यात लागत, छोटे व मध्यम टेक्सटाइल-गारमेंट निर्यातकों पर बढ़ा आर्थिक दबाव; सरकार से विशेष बीमा सुरक्षा, फ्रेट सब्सिडी और राहत पैकेज की मांग।
Surat,कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री द्वारा पश्चिम एशिया संकट के चलते निर्यातकों को बीमा सहायता देने के प्रयासों का स्वागत किया है।
बोथरा ने अपने वक्तव्य में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और समुद्री मार्गों में व्यवधान के कारण भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से टेक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर, को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। समुद्री मालभाड़ा, एयर फ्रेट और बीमा प्रीमियम में अचानक वृद्धि से निर्यात लागत काफी बढ़ गई है, जिससे छोटे और मध्यम निर्यातकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (ECGC) तथा अन्य विभागों के साथ मिलकर निर्यातकों के लिए बीमा सहायता योजनाओं पर विचार करना एक सकारात्मक कदम है। इससे उन निर्यातकों को राहत मिलेगी जिनका माल पहले ही भेजा जा चुका है लेकिन पश्चिम एशिया संकट और समुद्री मार्गों में व्यवधान के कारण उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बोथरा ने सरकार से आग्रह किया कि
टैक्सटाइल और गारमेंट निर्यातकों के लिए विशेष बीमा सुरक्षा, फ्रेट सब्सिडी और आपातकालीन सहायता पैकेज की व्यवस्था भी की जाए, ताकि वैश्विक संकट के बावजूद भारत का निर्यात प्रभावित न हो और छोटे निर्यातकों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग के लिए बड़े अवसर खोल रहे हैं और यदि वर्तमान परिस्थितियों में निर्यातकों को उचित सहयोग मिला तो भारत का निर्यात और अधिक तेजी से बढ़ सकता है।
अंत में बोथरा ने विश्वास जताया कि सरकार और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से इस संकट का प्रभाव कम किया जा सकेगा और भारतीय निर्यातकों का वैश्विक बाजार में भरोसा बना रहेगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस