ई-अटेंडेंस के लिए छतों पर चढ़े शिक्षक:हमारे शिक्षक’ App हुआ बंद, सतना में ई-हाजिरी न लगने से टीचर्स परेशान
सुबह 10 बजे की अनिवार्य समय-सीमा के दबाव में शिक्षकों ने हर संभव जुगाड़ आजमाया. कोई स्कूल की बाउंड्री पर चढ़कर नेटवर्क तलाशता दिखा तो कोई छत तक पहुंच गया... फिर भी ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं लग पायी.
सतना में स्कूलों में नेटवर्क की समस्या के कारण शिक्षक परेशान, टीचर्स ई-अटेंडेंस लगाने के लिए रोजाना छत पर चढ़ने को मजबूर.
सतना:मध्य प्रदेश के सतना में शासकीय विद्यालय के शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस परेशानी का सबब बना हुआ है. जिसकी वजह से शिक्षक विद्यालय आते ही मोबाइल फोन में जुट जाते हैं. इस ई-अटेंडेंस ऐप में सर्वर डाउन बड़ी मुसीबत बना हुआ है. शिक्षकों का आरोप है कि ई-अटेंडेंस न लगने से वेतन रोक दी जाती है.
गुरुवार को जिला शासकीय विद्यालय के शिक्षक अटेंडेंस लगाने के लिए विद्यालय के बाउंड्री में चढ़े नजर आए. वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने ई-अटेंडेंस पर तकनीकी समस्या को स्वीकार किया और मामले पर वरिष्ठ अधिकारी से पत्राचार करने की बात कह कही है.
अटेंडेंस को लेकर शिक्षक परेशान
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय विद्यालय में सेवाएं देने वाले शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एक ऐप चालू किया है. जिसे ई अटेंडेंस ऐप के नाम से जाना जाता है. इस ऐप से शिक्षक एवं शिक्षिकाओं द्वारा विद्यालय आने के बाद अटेंडेंस लगाया जाता है, लेकिन अगर सर्वर डाउन हुआ तो ई अटेंडेंस नहीं लग पाती और शिक्षक अनुपस्थित माने जाते हैं.
नेटवर्क की समस्या से जूझते टीचर्स
गुरुवार को शहर के बीच स्टेशन रोड स्थित पीएम श्री शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ई अटेंडेंस में समस्याओं का मामला सामने आया है. शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को मोबाइल फोन में नेटवर्क नहीं होने की वजह से ई अटेंडेंस लगाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. आखिरकार वह अनुपस्थित हो गई.
बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
वहीं शिक्षिकाओं ने ई-अटेंडेंस को लेकर कहा कि "इस ऐप की वजह से हमारी शैक्षणिक व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है. हम लोग स्कूल आते ही सबसे पहले अटेंडेंस लगाने के लिए अपने मोबाइल में जुट जाते हैं. बाद में बच्चों की पढ़ाई शुरू होती है. क्योंकि अगर ई अटेंडेंस ऐप में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई तो हम अनुपस्थित माने जाते हैं. जिसकी वजह से हमारा वेतन भी रोक दिया जाता है." शहर के अन्य सरकारी स्कूल में भी ई अटेंडेंस सर्वर के लिए शिक्षक स्कूल की बाउंड्री पर चढ़े दिखाई दे रहे हैं.
वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखने का आश्वासन
इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी कंचन श्रीवास्तव ने बताया कि "ई अटेंडेंस के संबंध में यदि शिक्षक समय से विद्यालय जा रहे हैं तो ई अटेंडेंस लगाने में कहीं कोई समस्या नहीं है. कभी-कभी ऐसा हो सकता है कि ऐप का सर्वर डाउन हो. ऐसे में अगर कोई तकनीकी समस्या आती है तो इसको लेकर हम अपने वरिष्ठ कार्यालय को पत्र लिखेंगे. इसमें कहीं भी वेतन कटने जैसी कोई समस्या नहीं है."
ई-अटेंडेंस ऐप शिक्षिकाओं एवं शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थित दर्ज कराने के लिए एक एप्लीकेशन है जो कि मोबाइल फोन पर आसानी से संचालित किया जा सकता है. इसी के माध्यम से शिक्षक एवं शिक्षिकाओं द्वारा डिजिटल रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जाती है. यह ऐप जीपीएस लोकेशन के आधार चलता है. जिसमें शिक्षक द्वारा सेल्फी लेकर या अन्य तरीकों से ऑनलाइन तरीके से प्रजेंट लगाया जाता है. जिससे स्कूल में शिक्षकों की मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके. साथ ही इस ई-अटेंडेंस ऐप में नेटवर्क समस्या को लेकर शिक्षक एवं शिक्षिकाओं में काफी विरोध भी है.
सतना और मैहर के 3,896 शिक्षक ऐप पर नहीं दर्ज कर सके हाजिरी
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सतना और मैहर जिले के कुल 3,896 शिक्षक ऐप में हाजिरी दर्ज नहीं कर सके. इनमें सतना के 3,014 और मैहर के 882 शिक्षक शामिल हैं. सतना में 2,081 नियमित शिक्षक, 211 अतिथि शिक्षक और 722 प्राचार्य/प्रधानाध्यापक प्रभावित हुए, जबकि मैहर में 594 शिक्षक, 94 अतिथि शिक्षक और 194 प्राचार्य/प्रधानाध्यापक उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाए.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस