राघव चड्ढा भाजपा में शामिल :कहा- 10 में से 7 सांसद साथ, अशोक मित्तल ने ED छापे के 10वें दिन भाजपा जॉइन की, नितिन नवीन ने खिलाई मिठाई
दिल्ली की राजनीति में आज एक बड़ा धमाका हुआ है. आम आदमी पार्टी के संसदीय दल में बड़ी टूट की खबर सामने आई है. AAP के संस्थापक सदस्य और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से अलग होने का एलान कर दिया है. उनके साथ फेहरिस्त में कई सांसद और भी हैं.
राघव चड्ढा ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से अधिक राज्यसभा सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है, जिससे दलबदल विरोधी कानून के तहत उनकी सदस्यता सुरक्षित रहेगी।
राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है. यह सभी नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. स्थापना के 12 साल के भीतर यह सबसे बड़ी बगावत है.
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके आम आदमी पार्टी (AAP) से अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. राघव ने भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था. उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा, "मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं."
राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के बीजेपी में जाने पर अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने मोर्चा खोल दिया है. केजरीवाल ने इसे पंजाबियों को दिया गया “धक्का” बताते हुए बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाए. वहीं, पंजाब के सीएम मान ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी हमेशा से पंजाब विरोधी रही है. उन्होंने साफ किया कि डरपोक नेता अपनी “जान बचाने” के लिए भगवा चोला ओढ़ रहे हैं, लेकिन व्यक्ति से बड़ी हमेशा पार्टी होती है. आम आदमी पार्टी के चाणक्य माने जाने वाले राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने आप को भ्रष्टाचार का दलदल बताकर बीजेपी का दामन थाम लिया. चड्ढा ने हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल के भी साथ छोड़ने का दावा कर सियासी हलचल तेज कर दी है. उन्होंने खुद को गलत पार्टी में सही आदमी बताते हुए पीएम मोदी के 12 साल के बेमिसाल नेतृत्व पर भरोसा जताया है.
राघव चड्ढा ने कहा, 'मैं आपको असली वजह बता रहा हूं कि मैंने पार्टी की गतिविधियों से दूरी क्यों बनाई। मैं उनके कथित गलत कामों का हिस्सा नहीं बनना चाहता था। मैं उनकी दोस्ती के योग्य नहीं था, क्योंकि मैं उनके कामों में शामिल नहीं था। हमारे पास सिर्फ दो विकल्प थे - या तो राजनीति छोड़ दें और पिछले 15-16 सालों में किए गए जनसेवा के काम को खत्म कर दें, या फिर अपनी ऊर्जा और अनुभव के साथ सकारात्मक राजनीति करें। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य भारत के संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए स्वयं को भाजपा में विलय करेंगे।'
AAP छोड़ने की राघव चड्ढा ने क्या बताई वजह
राघव चड्ढा ने कहा कि जिस AAP को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकताओं से भटक गई है। उन्होंने कहा, 'अब यह पार्टी देशहित में काम नहीं करती, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम कर रही है। पिछले कुछ वर्षों से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं। इसलिए आज हम घोषणा करते हैं कि मैं AAP से खुद को अलग कर रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं।'
AAP करेगी राज्यसभा सभापति के सामने अपील
आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि मैं माननीय राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूँगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है.
संसद में AAP हुई कमजोर!
आम आदमी पार्टी के पास राज्यसभा में कुल 10 सांसद थे, जिनमें 7 पंजाब और 3 दिल्ली से हैं. हालांकि, आज पार्टी को उस वक्त जबरदस्त झटका लगा, जब तीन प्रमुख सांसदों- राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पार्टी छोड़ दी और औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हो गए. इन तीनों सांसदों ने अपने इस्तीफे के साथ ही यह दावा किया है कि राज्यसभा में पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा सांसद अब उनके (बीजेपी) साथ हैं.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस