ज़हर’ का कारोबार बेनकाब:अवैध फैक्ट्री पर छापा -3,350 लीटर चर्बी वाला नकली घी जब्त, खंडवा में खुला बड़ा खाद्य घोटाला
खंडवा के इमलीपुरा इलाके में प्रशासन ने अवैध घी फैक्ट्री पर छापा मारकर 3,350 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया। जांच में सामने आया कि पशुओं की चर्बी से नकली घी तैयार किया जा रहा था। मौके से बड़ी मात्रा में चर्बी, हड्डियां, मांस और 4 ट्रकों में भरी खाल-सींग भी बरामद हुईं। संयुक्त टीम ने फैक्ट्री को सील कर सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं, रिपोर्ट के बाद बड़े खुलासे की संभावना है।
इमलीपुरा में अवैध फैक्ट्री पर प्रशासन का छापा
3,350 लीटर संदिग्ध घी जब्त, चर्बी से बनाने की आशंका
ड्रम और टीन में भरा मिला नकली घी जैसा पदार्थ
मौके से पशुओं की चर्बी, हड्डियां और मांस बरामद
4 ट्रकों में खाल और सींग मिलने से बढ़ा मामला
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रशासन ने इमलीपुरा क्षेत्र में संचालित एक कथित अवैध घी फैक्ट्री पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी और कच्चा माल जब्त किया है। इस कार्रवाई में पशुओं की चर्बी, हड्डियां और मांस जैसी सामग्री मिलने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन अवयवों का उपयोग कर नकली घी और तेल जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे थे, जिन्हें बाजार में सप्लाई किया जा सकता था।
कहां और कैसे हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई खंडवा शहर के इमलीपुरा इलाके में बेगम पार्क के सामने स्थित एक गली में की गई। स्थानीय लोगों की शिकायत के आधार पर प्रशासन हरकत में आया और सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने छापा मारा।
इस टीम में नगर निगम, पशु चिकित्सा विभाग और पुलिस के अधिकारी भी शामिल थे। जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद हालात देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। परिसर में भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री, ड्रम और टीन के डिब्बों में भरा लिक्विड मिला, जिसे घी या तेल के रूप में तैयार किया जा रहा था।
3,350 लीटर संदिग्ध घी जब्त
छापेमारी के दौरान प्रशासन ने करीब 3 हजार 350 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया। यह घी 69 टीन के डिब्बों और 9 बड़े नीले ड्रमों में रखा हुआ था। इसके अलावा मौके से कई छोटे और बड़े ड्रम भी बरामद किए गए, जिनमें कच्चा माल भरा हुआ था।
अधिकारियों के अनुसार:
छोटे ड्रमों में लगभग 20 किलो तक सामग्री भरी थी
बड़े ड्रमों की क्षमता करीब 200 किलो तक थी
कुल मिलाकर दर्जनों ड्रमों में संदिग्ध पदार्थ मौजूद था
यह मात्रा इस बात का संकेत देती है कि यह अवैध कारोबार छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा था।
फैक्ट्री में क्या-क्या मिला
छापेमारी के दौरान जो सामग्री बरामद हुई, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। मौके से निम्न चीजें पाई गईं:
पशुओं की चर्बी
हड्डियां
मांस के अवशेष
चर्बी से तैयार लिक्विड
घी जैसा दिखने वाला पदार्थ
प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि इन अवयवों को प्रोसेस कर घी और तेल जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इसकी अंतिम पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
कैसे बन रहा था नकली घी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री में पशुओं की चर्बी को गर्म करके और प्रोसेस कर उसे घी जैसा रूप दिया जा रहा था। इस प्रक्रिया में संभवतः केमिकल्स और अन्य पदार्थों का भी उपयोग किया जा रहा होगा, जिससे उसकी गंध और रंग को असली घी जैसा बनाया जा सके।
यह नकली घी बाद में बाजार में सप्लाई किया जा रहा था या नहीं, इसकी जांच अभी जारी है। यदि यह उत्पाद बाजार तक पहुंच चुका है, तो यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
लंबे समय से चल रहा था अवैध कारोबार
प्रशासन को प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह फैक्ट्री काफी समय से संचालित हो रही थी। स्थानीय लोगों ने पहले भी यहां से बदबू आने और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत की थी।
शिकायतों के आधार पर ही प्रशासन ने छापेमारी की योजना बनाई। यह भी सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध गतिविधि आखिर इतने लंबे समय तक बिना किसी रोक-टोक के कैसे चलती रही।
फैक्ट्री संचालक पर शिकंजा
जानकारी के अनुसार, यह अवैध यूनिट अनवर कुरैशी के मकान में संचालित हो रही थी। प्रशासन ने संचालक को पूछताछ के लिए बुलाया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
संभावना जताई जा रही है कि इस धंधे में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो कच्चा माल सप्लाई करने से लेकर तैयार माल को बाजार तक पहुंचाने का काम करते थे।
पशु चिकित्सा विभाग की जांच
पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने भी मौके से सैंपल एकत्र किए हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि:
ड्रमों में पशुओं की चर्बी पाई गई है
खाल, हड्डियां और मांस के अवशेष भी मिले हैं
अधिकारी अनिल कश्यप के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इन पदार्थों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और यह कितना खतरनाक है।
लैब रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल सभी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। लैब रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि:
जब्त किया गया पदार्थ वास्तव में नकली घी है या नहीं
उसमें कौन-कौन से तत्व मिले हुए हैं
वह मानव स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है
यदि रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लोगों में डर और आक्रोश
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि:
बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है
प्रशासन को नियमित रूप से ऐसी फैक्ट्रियों की जांच करनी चाहिए
दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए
कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध फैक्ट्री शहर के बीचोंबीच कैसे चल रही थी और जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
खाद्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे खाद्य सुरक्षा सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। अगर नकली घी जैसी चीजें खुलेआम बन रही हैं, तो यह आम जनता के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का नकली घी खाने से:
पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ सकता है
गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है
लंबे समय में शरीर के अंगों को नुकसान हो सकता है
प्रशासन की आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए:
फैक्ट्री को सील कर दिया है
सभी सामग्री जब्त कर ली है
जांच शुरू कर दी है
संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है
साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि यह नेटवर्क किन-किन इलाकों तक फैला हुआ है और किन दुकानों या बाजारों में इसकी सप्लाई की जा रही थी।
खंडवा में नकली घी फैक्ट्री का यह खुलासा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि बेहद चिंताजनक भी है। यह मामला दर्शाता है कि कुछ लोग मुनाफे के लिए लोगों की सेहत के साथ किस हद तक खिलवाड़ कर सकते हैं।
अब सबकी नजरें लैब रिपोर्ट और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह प्रदेश में खाद्य सुरक्षा के इतिहास का एक बड़ा मामला बन सकता है।
फिलहाल, आम लोगों के लिए यही सलाह है कि वे बाजार से खाद्य पदार्थ खरीदते समय सतर्क रहें और केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही सामान लें।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस