बीजेपी विधायक चिंतामणि के पक्ष में उतरे पीसीसी चीफ पटवारी, बोले - चिंतामणि मालवीय ने लोकतंत्र की जिम्मेदारी निभाई
जीतू पटवारी ने चिंतामणि मालवीय पर तंज कसते हुए कहा, "यहां बीजेपी ने साफ कर दिया है कि जो गलत के खिलाफ सिर उठाएगा, उसका सिर कुचल दिया जाएगा. यह बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है."

मध्य प्रदेश में बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय को पार्टी की ओर से जारी किए गए कारण बताओ नोटिस ने सियासी हलचल मचा दी है. उज्जैन जिले के आलोट से विधायक चिंतामणि मालवीय ने इस नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अभी तक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है. वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मालवीय का समर्थन करते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला है.
इसे दलित विरोधी करार दिया. उन्होंने कहा कि मालवीय ने लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन बीजेपी ने यह साबित कर दिया कि जो गलत के खिलाफ आवाज उठाएगा, उसका सिर कुचल दिया जाएगा.
जीतू पटवारी ने कहा, "चिंतामणि मालवीय को नोटिस इसलिए दिया गया, क्योंकि उन्होंने लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई. इस वक्त भू-माफिया सरकार के सिर चढ़कर बोल रहा है. उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के नाम पर किसानों की जमीन को अस्थायी रूप से अधिग्रहित करने की बात कहकर स्थायी रूप से कब्जा करने की साजिश रची जा रही है. सिंहस्थ आस्था का केंद्र है, लेकिन किसानों से उनकी जमीन हमेशा के लिए छीनना गलत है. मालवीय ने जो काम किया, वह जनता के हित में था."
किसानों की जमीन छीनना अन्यायपूर्ण
पटवारी ने कहा कि भाजपा द्वारा मालवीय को नोटिस इसलिए दिया गया क्योंकि उन्होंने लोकतंत्र के प्रति निष्ठा और अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के नाम पर किसानों की जमीन अस्थायी अधिग्रहण के बहाने स्थायी रूप से हड़पने की साजिश रची जा रही है। सिंहस्थ आस्था का केंद्र है, लेकिन सरकार और माफियाओं द्वारा किसानों की जमीन छीनना अन्यायपूर्ण है। यह बीजेपी की साजिश है, जो सच बोलेगा, उसे डराया, धमकाया और कुचला जाएगा। इस समय भू-माफिया सरकार के सिर चढ़कर बोल रहा है।
हम चिंतामणि मालवीय के साथ
पटवारी ने कहा कि हम चिंतामणि मालवीय के साथ खड़े हैं, क्योंकि उन्होंने जनता की आवाज को बुलंद किया है। किसानों और दलितों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ हर मंच पर आवाज उठाएगी। पटवारी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने जनता के हक की लड़ाई लड़ी, लेकिन बीजेपी ने यह दिखा दिया कि जो सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहे भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आवाज उठाएगा, उसका सिर कुचल दिया जाएगा, भले ही वह सत्तापक्ष का जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो। भाजपा द्वारा बरती गई यह कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि बीजेपी में लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए कोई स्थान नहीं बचा है और पार्टी पूरी तरह से दमनकारी नीतियों पर चल रही है।