‘मामा कोचिंग क्लासेस’ का शुभारंभ: MPPSC से SSC तक प्रतियोगी परीक्षाओं की मिलेगी फ्री तैयारी, शिवराज बोले- मेहनत और संकल्प से हासिल करें लक्ष्य

शिवराज सिंह चौहान ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी पहल का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों को महंगी कोचिंग की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विदिशा में “मामा कोचिंग सेंटर” शुरू किया गया

‘मामा कोचिंग क्लासेस’ का शुभारंभ: MPPSC से SSC तक प्रतियोगी परीक्षाओं की मिलेगी फ्री तैयारी, शिवराज बोले- मेहनत और संकल्प से हासिल करें लक्ष्य

विदिशा में ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ का शुभारंभ

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया उद्घाटन

MPPSC, SSC, बैंकिंग और DRDO की होगी फ्री तैयारी

अनुभवी शिक्षकों से मिलेगा मार्गदर्शन

विदिशा में युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने की पहल करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने रविवार को ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ का शुभारंभ किया। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी स्थित ओशो आश्रम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने फीता काटकर और नारियल फोड़कर निशुल्क प्रतियोगी कोचिंग संस्थान का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और मध्यमवर्गीय विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उद्घाटन के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश का युवा प्रतिभाशाली है, उसे केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी संकल्प, अनुशासन और मेहनत के साथ तैयारी करें तो कोई भी परीक्षा कठिन नहीं होती।

MPPSC से लेकर DRDO तक की होगी तैयारी

‘मामा कोचिंग क्लासेस’ में विद्यार्थियों को एमपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, डीआरडीओ, फॉरेस्ट सर्विस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जाएगी। संस्थान में अनुभवी शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके साथ ही आधुनिक अध्ययन सामग्री, टेस्ट सीरीज, करंट अफेयर्स और परीक्षा संबंधी जरूरी जानकारी भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग नहीं ले पाते, जिसके कारण उनका सपना अधूरा रह जाता है। ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ ऐसे युवाओं के लिए एक बड़ा सहारा बनेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

युवाओं से बोले- लक्ष्य तय करें और उसी पर फोकस रखें

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित भी किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। बिना लक्ष्य के मेहनत अक्सर भटक जाती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया में समय बर्बाद करने के बजाय पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें।

उन्होंने कहा, “अगर युवा ठान लें कि उन्हें सफलता हासिल करनी है, तो कोई ताकत उन्हें रोक नहीं सकती। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।”

मेधावी विद्यार्थियों का होगा सम्मान

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि विदिशा, सीहोर और रायसेन जिलों के 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया जाएगा। इसके माध्यम से छात्रों को प्रोत्साहन देने और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आने वाले समय में करियर काउंसलिंग कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार सही करियर चुनने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञ छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसरों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी देंगे।

पर्यावरण और विकास कार्यों पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण पर भी चर्चा हुई। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार की टीम दो बार विदिशा पहुंचकर नदी का निरीक्षण कर चुकी है और जल्द ही विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण और क्षेत्रीय विकास के लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है। यदि जनता और प्रशासन मिलकर काम करें तो क्षेत्र में बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।

विदिशा में कैंसर यूनिट खोलने पर विचार

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विदिशा में Tata Memorial Centre की एक छोटी कैंसर यूनिट शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि यह योजना साकार होती है तो क्षेत्र के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी तथा मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिल सकेगा।

रायसेन और भेरूंदा में भी खुलेंगी नई कोचिंग क्लासेस

‘मामा कोचिंग क्लासेस’ की सफलता को देखते हुए अब रायसेन और भेरूंदा में भी ऐसे संस्थान शुरू करने की तैयारी की जा रही है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार और समाज का प्रयास है कि ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को भी बड़े शहरों जैसी सुविधाएं मिलें।

उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि रोजगार, व्यक्तित्व विकास और करियर मार्गदर्शन से जुड़ी समग्र सहायता भी दी जाएगी। इससे युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे और अपने परिवार तथा समाज के विकास में योगदान दे पाएंगे।

शिक्षा के जरिए बदलने की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में मुफ्त प्रतियोगी कोचिंग संस्थानों की शुरुआत से युवाओं को नई दिशा मिलेगी। इससे उन छात्रों को लाभ होगा जो आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते।

विदिशा में शुरू हुई ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे अपने सपनों को पूरा करने का बड़ा अवसर बताया।