कैबिनेट के बड़े फैसले -53 हजार करोड़ की योजनाएं जारी रखने का निर्णय : 21 प्रस्तावों पर सहमति; पीडब्ल्यूडी की 26,311 करोड़ की परियोजनाएं जारी रहेंगी
मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में विकास से जुड़े बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई. स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और कृषि क्षेत्रों के लिए ₹26,800 करोड़ के प्रस्ताव स्वीकृत हुए. नारी शक्ति वंदन पर संकल्प, गेहूं उपार्जन में बदलाव, ओबीसी छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी और मेडिकल कॉलेजों के विकास जैसे फैसले शामिल हैं.
बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए 26,311 करोड़ की स्वीकृति
PWD की 5 साल की परियोजनाएं जारी रखने का फैसला
छात्रवृत्ति में ऐतिहासिक बढ़ोतरी, अब 10 हजार रुपये प्रतिमाह
मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: 53 हजार करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी, 21 प्रस्तावों पर सहमति
मध्यप्रदेश में विकास और जनकल्याण को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इस बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और महिला-बाल विकास से जुड़े बड़े फैसले शामिल हैं। राज्य सरकार ने करीब 53 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने और नई स्वीकृतियां देने का निर्णय लिया है।
सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में लोक निर्माण विभाग (PWD) की आगामी पांच वर्षों (2026-2031) की परियोजनाओं को जारी रखने के लिए 26,311 करोड़ रुपये की स्वीकृति शामिल है। यह राशि प्रदेश के सड़क नेटवर्क, भवन निर्माण, मरम्मत और अधोसंरचना विकास को मजबूत करने में उपयोग की जाएगी।
बुनियादी ढांचे को मजबूती
कैबिनेट ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सड़कों, सरकारी भवनों और कार्यालयों के निर्माण एवं रखरखाव को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत मुख्यालय, मंडल और संभागीय कार्यालयों की स्थापना व अनुरक्षण के लिए 6,180 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
इसके अलावा:
केंद्रीय सड़क अधोसंरचना निधि के तहत 6,925 करोड़ रुपये
भू-अर्जन मुआवजा योजनाओं के लिए 6,500 करोड़ रुपये
उच्च श्रेणी के शासकीय भवनों के रखरखाव के लिए 1,680 करोड़ रुपये
जिला एवं मुख्य जिला मार्गों के नवीनीकरण के लिए 5,000 करोड़ रुपये
इन फैसलों से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
छात्रवृत्ति में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
कैबिनेट का एक बड़ा फैसला पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के हित में लिया गया। छात्रवृत्ति राशि को 1,550 रुपये से बढ़ाकर सीधे 10,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह वृद्धि शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
साथ ही, “छात्रगृह योजना-2005” में संशोधन कर हर वर्ष 100 नए विद्यार्थियों को इसका लाभ देने का निर्णय लिया गया है। इनमें 50 सीटें स्नातक और 50 स्नातकोत्तर छात्रों के लिए निर्धारित होंगी। पहले से लाभान्वित छात्रों को उनके कोर्स पूरा होने तक सहायता मिलती रहेगी।
सिंचाई क्षेत्र में बड़ा कदम
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को 155.82 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस परियोजना से शाजापुर और उज्जैन जिलों के कुल 24 गांवों में लगभग 9,200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
यह परियोजना लखुंदर नदी पर पहले से निर्मित जलाशय से पानी लेकर किसानों तक पहुंचाएगी, जिससे खेती की उत्पादकता में वृद्धि होगी और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी सीटों को बढ़ाने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने के लिए 79.16 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। इसमें रेडियोथेरेपी विभाग, बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट, कैथलैब और लीनियर एक्सीलेरेटर (LINAC) मशीन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
वहीं, श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार के लिए 174.80 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इन फैसलों से प्रदेश में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
आंगनवाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण
महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में कैबिनेट ने 38,901 आंगनवाड़ी भवनों के विद्युतीकरण के लिए 80.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वहां पंखे, लाइट, कूलर, स्मार्ट टीवी और वाटर प्यूरीफायर जैसी सुविधाओं का उपयोग संभव हो सकेगा।
प्रदेश में कुल 97,882 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में अब आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे बच्चों को बेहतर वातावरण में शिक्षा और पोषण सेवाएं मिलेंगी।
समग्र विकास की दिशा में कदम
कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में संतुलित प्रगति पर ध्यान दे रही है। जहां एक ओर सड़कों और भवनों के निर्माण से विकास को गति मिलेगी, वहीं छात्रवृत्ति और शिक्षा योजनाएं युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देंगी।
सिंचाई परियोजनाएं किसानों को मजबूत करेंगी और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आम जनता को राहत देगा। आंगनवाड़ी केंद्रों के आधुनिकीकरण से बच्चों और महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह कैबिनेट बैठक मध्यप्रदेश के लिए दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में व्यापक सुधार की उम्मीद है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस