कमलनाथ ने सरकार से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाने की मांग की, बोले- “आम जनता की जेब पर डाला बोझ, महंगाई से जनता की कमर टूट रही”

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद मध्यप्रदेश समेत देशभर में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे शहरों में पेट्रोल 107 से 110 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। बढ़ती कीमतों को लेकर Kamal Nath ने सरकार से एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि महंगाई से आम जनता की कमर टूट रही है और सरकार ने लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

कमलनाथ ने सरकार से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाने की मांग की, बोले- “आम जनता की जेब पर डाला बोझ, महंगाई से जनता की कमर टूट रही”

चार साल बाद पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ा इजाफा

मध्यप्रदेश के कई शहरों में नई कीमतें लागू

भोपाल में पेट्रोल 109 रुपये के पार

इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में भी बढ़े दाम

मालभाड़ा बढ़ने से महंगाई बढ़ने की आशंका

कमलनाथ ने सरकार से टैक्स घटाने की मांग की

भोपाल। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि कर दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक हालातों का हवाला देते हुए तेल कंपनियों ने नई दरें लागू की हैं। इसका असर मध्यप्रदेश समेत पूरे देश में देखने को मिल रहा है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। बढ़ती कीमतों के बाद परिवहन खर्च बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं।

मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। Kamal Nath ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार को जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी और वैट में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर अब ईंधन कीमतों का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है।

मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में नए दाम

नई दरें लागू होने के बाद मध्यप्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। राजधानी भोपाल में पेट्रोल लगभग 109.71 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.88 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं इंदौर में पेट्रोल 106.57 रुपये और डीजल 91.97 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।

ग्वालियर में पेट्रोल की कीमत करीब 106.45 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुकी है, जबकि जबलपुर में यह 107 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गया है। उज्जैन में भी पेट्रोल की कीमत 107 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गई है। प्रदेश के कई सुदूर जिलों में पेट्रोल 108 रुपये प्रति लीटर से अधिक में बिक रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम वाहन चालकों, किसानों, व्यापारियों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

परिवहन खर्च बढ़ने से महंगाई बढ़ने की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। मालभाड़ा बढ़ने से फल, सब्जियां, दूध, राशन और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि देश में बड़ी मात्रा में माल परिवहन डीजल वाहनों के जरिए होता है।

इसके अलावा किसानों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। खेती-किसानी में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर, पंप और अन्य मशीनें डीजल पर निर्भर रहती हैं। ऐसे में डीजल महंगा होने से कृषि लागत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि ईंधन कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली तो बाजार में महंगाई और बढ़ सकती है।

कमलनाथ ने सरकार से राहत देने की मांग की

ईंधन कीमतों में हुई वृद्धि को लेकर Kamal Nath ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी और वैट में कमी करनी चाहिए ताकि जनता को राहत मिल सके।

कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश के नागरिक पहले से ही देश में सबसे महंगा पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस खरीदने को मजबूर हैं। ऐसे समय में कीमतों में और बढ़ोतरी करना आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है और आम आदमी की कमर टूट रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को कंपनियों को खुली छूट देने के बजाय आम लोगों के हित में फैसले लेने चाहिए। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि महंगाई ने मध्यम वर्ग, गरीब और किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और सरकार को तुरंत राहत पैकेज जैसा कदम उठाना चाहिए।

भाजपा सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

Kamal Nath ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि को जनविरोधी बताते हुए कहा कि सरकार जनता की परेशानियों को समझने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार टैक्स बढ़ने के कारण आम लोगों को महंगा ईंधन खरीदना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है, लेकिन सरकार यदि चाहे तो टैक्स में कटौती कर जनता को राहत दे सकती है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से मांग की कि वे एक्साइज ड्यूटी और वैट कम करें ताकि कीमतों में कमी आ सके।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी समय में महंगाई और ईंधन कीमतों का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है। कांग्रेस लगातार महंगाई को लेकर सरकार पर हमलावर रही है, जबकि भाजपा सरकार वैश्विक परिस्थितियों को इसकी वजह बता रही है।

आम लोगों में बढ़ी नाराजगी

ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई वाहन चालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण घर का बजट बिगड़ गया है। रोजाना वाहन से सफर करने वाले लोगों को अब अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।

ऑटो और टैक्सी चालकों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल महंगा होने से उनकी कमाई प्रभावित हो रही है। वहीं छोटे व्यापारियों और डिलीवरी से जुड़े लोगों का भी कहना है कि खर्च बढ़ने से कारोबार प्रभावित हो सकता है।

लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द कोई राहतभरा फैसला लेगी। फिलहाल बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।