पत्रकार से मारपीट : थाना बाड़ी में नहीं हुई सुनवाई, डीजीपी–एसपी से लगाई गुहार, निष्पक्ष जांच की मांग

बाड़ी में पत्रकार सुनील मेहरा पर बस स्टैंड पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि थाना बाड़ी में उनकी शिकायत नहीं सुनी गई और पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई के बजाय दबाव बनाकर राजीनामा करा दिया। निष्पक्ष पत्रकारिता के कारण हमले की आशंका जताते हुए पीड़ित ने एसपी रायसेन और डीजीपी भोपाल से सुरक्षा व निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पत्रकार से मारपीट : थाना बाड़ी में नहीं हुई सुनवाई,  डीजीपी–एसपी से लगाई गुहार, निष्पक्ष जांच की मांग

निष्पक्ष पत्रकारिता पर हमला, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

बाड़ी (रायसेन)।बाड़ी में एक पत्रकार के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार सुनील मेहरा ने आरोप लगाया है कि 26 दिसंबर 2025 की रात करीब 8:46 बजे बाड़ी बस स्टैंड पर मूंगफली के ठेले के पास खड़े होने के दौरान एक युवक ने उनसे गाली-गलौज शुरू कर दी। जब पत्रकार ने कारण पूछा तो आरोपी ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया और जूते-लात से बेरहमी से मारपीट की।

किसी तरह जान बचाकर पत्रकार थाना बाड़ी पहुंचे, लेकिन आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। इसी दौरान मारपीट करने वाला आरोपी भी कुछ लोगों के साथ थाने पहुंच गया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने के बजाय दबाव बनाकर राजीनामा करवा दिया। यहां तक कहा गया कि “केस दर्ज होने से क्या होगा, जमानत तो हो ही जाएगी।”

पत्रकार सुनील मेहरा का कहना है कि यह घटना सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। उन्होंने जुआ, शराब और किसानों से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष खबरें प्रकाशित की थीं, इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया। थाने में सुनवाई न होने पर मामला एसपी रायसेन और पुलिस महानिदेशक, भोपाल तक पहुंचाया गया है। पत्रकार ने अपनी सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है।

घटना को लेकर प्रेस और पत्रकार संगठनों ने कड़ी निंदा की है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पत्रकारों के साथ लगातार हो रही ऐसी घटनाएं पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला हैं।