बढ़ती ठंड को लेकर बजरंग सेवादल के राष्ट्रीय महासचिव रत्नेश उपाध्याय की आमजन से अपील

बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए बजरंग सेवादल संगठन के राष्ट्रीय महासचिव रत्नेश उपाध्याय ने आमजन से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने गर्म कपड़े पहनने, सुरक्षित रूप से हीटर-अंगीठी के प्रयोग, बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने, पोषक आहार व गर्म पेय लेने तथा आपात स्थिति में तुरंत अस्पताल व सरकारी हेल्पलाइन से संपर्क करने का आग्रह किया है।

बढ़ती ठंड को लेकर बजरंग सेवादल के राष्ट्रीय महासचिव रत्नेश उपाध्याय की आमजन से अपील

शीतलहर व कोहरे से बचाव के लिए सतर्कता बरतने, बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने और सुरक्षा उपाय अपनाने का किया आह्वान

उरई।बढ़ती शीतलहर, ठंड और घने कोहरे को देखते हुए बजरंग सेवादल संगठन के राष्ट्रीय महासचिव व संचालक रत्नेश उपाध्याय ने आम जनमानस से सतर्कता बरतने और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ठंड के इस दौर में जितना हो सके गर्म वस्त्रों और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें तथा स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

रत्नेश उपाध्याय ने बताया कि नागरिकों को स्थानीय रेडियो, दैनिक समाचार पत्र, टीवी और मोबाइल के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहना चाहिए। कोयले की अंगीठी, मिट्टी तेल का चूल्हा, हीटर या ब्लोवर का प्रयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें और कमरे में पर्याप्त वायु संचार बनाए रखें, ताकि जहरीली गैस या धुआं एकत्र न हो।

उन्होंने कहा कि शरीर को सूखा रखें, गीले कपड़े तुरंत बदल लें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। ऊनी कपड़े, स्वेटर, टोपी, मफलर आदि का नियमित उपयोग करें। यदि ऊनी कपड़े उपलब्ध न हों तो दो-तीन कपड़े एक के ऊपर एक पहनकर ठंड के प्रभाव को कम किया जा सकता है। अत्यधिक ठंड और कोहरे की स्थिति में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को यथासंभव घर के अंदर ही रखें।

शरीर की ऊष्मा बनाए रखने के लिए पोषक आहार और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई। धूप निकलने पर धूप सेंकना भी ठंड से बचाव में सहायक है।

हाइपोथर्मिया के लक्षण—जैसे असामान्य शरीर तापमान, भ्रम, स्मृति हानि, बेहोशी, अत्यधिक ठिठुरन, सुस्ती, थकान या तुतलाहट—दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। इसी तरह शीतदंश के लक्षण—हाथ-पैर की उंगलियों, कान, नाक का सुन्न पड़ना या सफेद/पीले दाग—दिखें तो भी तत्काल चिकित्सा सहायता लें।

उन्होंने अपील की कि आसपास अकेले रहने वाले पड़ोसियों, विशेषकर बुजुर्गों की जानकारी रखें और किसी भी आपात स्थिति में सरकारी हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। पालतू पशुओं और पक्षियों के लिए बाड़ों को ऊष्मारोधी बनाएं, खिड़की-दरवाजे ढकें, लेकिन हवा के लिए पर्याप्त जगह छोड़ें।

सिगड़ी, अलाव या अंगीठी सोते समय बुझाकर ही सोएं और बंद स्थानों में इन्हें जलाने से बचें। कोहरे के कारण अनावश्यक यात्रा से बचें और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।

अंत में रत्नेश उपाध्याय ने कहा कि बजरंग सेवादल के इस आवाहन का पालन कर स्वयं को और अपने परिवार को स्वस्थ व सुरक्षित रखें।