गोविंद सिंह राजपूत के सख्त तेवर, ठेकेदारों-अधिकारियों को चेतावनी-काम नहीं किया तो ब्लैकलिस्ट होंगे ठेकेदार, अफसर भी नहीं बचेंगे”

भोपाल में पेयजल योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने लापरवाह ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि अधूरे काम छोड़ने वाले ठेकेदारों पर पेनाल्टी लगाकर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। मंत्री ने अधिकारियों को दफ्तरों से बाहर निकलकर मौके पर काम की निगरानी करने, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन और लीकेज तुरंत सुधारने तथा रिवाइज्ड पेयजल योजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

गोविंद सिंह राजपूत के सख्त तेवर, ठेकेदारों-अधिकारियों को चेतावनी-काम नहीं किया तो ब्लैकलिस्ट होंगे ठेकेदार, अफसर भी नहीं बचेंगे”

लापरवाह ठेकेदारों को करें ब्लैकलिस्ट, काम नहीं करने वाले पर तुरंत करें सख्त कार्रवाई : गोविंद सिंह राजपूत

पेयजल योजनाओं की समीक्षा में खाद्य मंत्री का दिखा तल्ख तेवर

मंत्री की दो टूक, रिवाइज्ड योजनाओं के काम तुरंत पूरे करें, गुणवत्ता से न हो कोई समझौता

खाद्य मंत्री की हिदायत, दफ्तरों से बाहर निकले अधिकारी, मौके पर जाकर कराएं काम

भोपाल।जनता को पानी देने के मामले में कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। अधिकारी और इंजीनियर दफ्तरों से बाहर निकलें और खुद मौके पर जाकर ठेकेदारों से काम कराएं। यह सख्त निर्देश खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शनिवार को सागर के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पेयजल योजनाओं की आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में मंत्री श्री राजपूत ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम के अंतर्गत एक-एक परियोजना की योजनावार  विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने मौके पर ही कई जटिल मुद्दों का निपटारा किया और घर-घर नल से जल पहुंचाने के रास्ते सुगम किए।
बैठक की खास बात यह रही कि मंत्री श्री राजपूत ने केवल अधिकारियों के से नहीं बल्कि बैठक में मौजूद संबंधित जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर हर क्षेत्र की वास्तविक वस्तुस्थिति जानी। जनप्रतिनिधियों द्वारा बताई गई समस्याओं जैसे पाइपलाइन का न बिछना और ठेकेदारों की मनमानी पर खाद्य मंत्री  राजपूत ने तुरंत संज्ञान लिया और अधिकारियों को ऑन-स्पॉट सुधार के निर्देश दिए। मंत्री श्री राजपूत ने बिजली विभाग और पीएचई के अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि बिजली के अभाव या तकनीकी खराबी के कारण कोई भी नल-जल योजना बंद नहीं होनी चाहिए। जहां भी बिजली कनेक्शन की समस्या है, उसे प्राथमिकता के आधार पर तुरंत दूर किया जाए, ताकि जलापूर्ति प्रभावित न हो। स्वच्छता और रखरखाव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र की सभी पानी की टंकियों में वाटर प्रूफिंग और सफाई का कार्य कराया जाए, ताकि पानी की शुद्धता और टंकियों का रखरखाव बेहतर बना रहे। जो योजनाएं तकनीकी कारणों से रिवाइज्ड (संशोधित) की गई हैं, उनके बजट और तकनीकी पेचों को सुलझाते हुए रिवाइज्ड योजना के कार्यों को भी अतिशीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए हैं। 

एनएचएआई के अफसरों और ठेकेदारों को जमकर फटकारा:

बैठक के दौरान खाद्य मंत्री  राजपूत ने एनएचएआई सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार और अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई । उन्होंने कहा कि लापरवाही पूर्ण सड़क निर्माण के कारण लगभग 40-50 ग्रामवासी पानी के लिए परेशान है। जिन पाइप लाइनों को सड़क निर्माण के कारण क्षति पहुंची है, उनके सुधार एक सप्ताह में किए जाएं ताकि राहतगढ़ विकासखंड के इन ग्राम वासियों को पानी मिल सके। बैठक में मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में जहां भी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त या लीकेज है, वहां युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर तुरंत मरम्मत का कार्य पूरा किया जाए ताकि पानी की बर्बादी रुके। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को सुपुर्द हो चुकी योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए स्थानीय वॉल्व ऑपरेटर्स को तकनीकी ट्रेनिंग दी जाए, एवं जलप्रदाय हेतु समय निर्धारित कर पेयजल का प्रदाय सुनिश्चित करें, जिससे  ग्रामीण स्तर पर पानी का वितरण सही तरीके से हो सके। श्री राजपूत ने कड़े निर्देश दिए कि ऐसे ठेकेदार जिन्होंने समय पर काम शुरू नहीं किया या काम अधूरा छोड़ दिया है, उनके खिलाफ पेनाल्टी लगाने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई तुरंत करें। समीक्षा बैठक में विभागीय समन्वय की कमी के कारण जो प्रोजेक्ट महीनों से अटके थे, उन्हें मंत्री श्री राजपूत ने आपसी तालमेल बिठाकर मौके पर ही सुलझा दिया। इसके साथ ही हर घर तक नल का पानी बिना किसी बाधा के पहुंचे, इसके लिए हर काम की एक निश्चित समयसीमा तय कर दी गई है।

कागजी घोड़े दौड़ना बंद करें अधिकारी, समय का ध्यान रखें:

खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। अधिकारी कागजी घोड़े दौड़ना बंद करें। जनप्रतिनिधियों से मिली शिकायतों के आधार पर यदि तय समय सीमा में काम पूरा नहीं होता है, तो ठेकेदारों के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि वे 15 दिवस बाद पुनः बैठक लेंगे और कार्य प्रगति की समीक्षा करेंगे। जिन अधिकारियों, ठेकेदारों द्वारा समय सीमा में प्रगति नहीं लाई जाएगी उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।