इतिहास में पहली बार: गणतंत्र दिवस पर राजधानी भोपाल नहीं, धर्मनगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया ध्वजारोहण
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गणतंत्र दिवस के मौके पर शिप्रा नदी के तट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. यह पहला अवसर है जब मध्य प्रदेश के किसी मुख्यमंत्री ने क्षिप्रा नदी के तट पर गणतंत्र दिवस के मौके पर झंडा फहराया हो.
मध्यप्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल के बजाय धर्मनगरी उज्जैन में ध्वजारोहण किया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उज्जैन आगमन अपने-आप में कई मायनों में खास रहा. अब तक राष्ट्रीय पर्वों पर उज्जैन में दशहरा मैदान को ध्वजारोहण स्थल के रूप में चुना जाता रहा है, लेकिन साल 2026 में इस परंपरा से हटकर शिप्रा नदी के तट पर स्थित मेला ग्राउंड को कार्यक्रम स्थल बनाया गया. मुख्यमंत्री के इस अप्रत्याशित फैसले ने आमजन से लेकर बुद्धिजीवियों तक को सोचने पर मजबूर कर दिया. हर किसी के मन में यही सवाल उठा कि आखिर उज्जैन और विशेष रूप से शिप्रा तट को ही क्यों चुना?
CM Mohan Yadav Ujjain: पूरे देश में गणतंत्र दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है. इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इतिहास रच दिया और शिप्रा नदी के तट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन के कार्तिक मेला मैदान में ध्वजारोहण किया और परेड की सलाह ली. यह पहला अवसर है जब मध्य प्रदेश के किसी मुख्यमंत्री ने क्षिप्रा नदी के तट पर गणतंत्र दिवस के मौके पर झंडा फहराया हो.
ध्वजारोहण के साथ समारोह की औपचारिक शुरुआत
सोमवार सुबह 9 बजे से समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 8 बजकर 55 मिनट पर कार्यक्रम स्थल पहुंचे और ठीक 9 बजे राष्ट्रध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रीय धुन के साथ हर्ष फायर और राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली, जवानों का निरीक्षण किया और परेड कमांडरों से परिचय प्राप्त किया। इसके पश्चात उन्होंने प्रदेशवासियों के नाम अपना संदेश भी दिया।
परेड और सुरक्षा बलों का शानदार प्रदर्शन
समारोह में पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने अनुशासित मार्च पास्ट कर अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। परेड की सटीकता और तालमेल ने दर्शकों को प्रभावित किया। इस बार विशेष आकर्षण के रूप में पुलिस द्वारा प्रशिक्षित 12 सदस्यीय स्पेशल डॉग स्क्वाड ने भी अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
पीटी, मलखंब और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा पीटी प्रदर्शन और मलखंब की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को जीवंत बना दिया। स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों में देशभक्ति, परंपरा और स्थानीय संस्कृति की सुंदर झलक दिखाई दी।
स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने बटोरी तालियां
निर्मला कॉन्वेंट स्कूल के छात्रों ने शिप्रा नदी और सिंहस्थ पर आधारित प्रस्तुति दी। ज्ञान सागर अकादमी के विद्यार्थियों ने दशावतार और चार युगों को दर्शाते हुए 'युगांतर' विषय पर नृत्य-नाटिका पेश की। शासकीय नूतन उमावि इंदिरानगर के छात्रों ने स्वच्छ उज्जैन और स्वच्छ सिंहस्थ की थीम पर कार्यक्रम प्रस्तुत किया। वहीं संदीपनि महाराजवाड़ा स्कूल क्रमांक-3 के विद्यार्थियों ने 'मालवा गाथा' पर आधारित लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम से दर्शकों का मन मोह लिया।
विकास की झांकियों ने दिखाया बदलता उज्जैन
विभिन्न विभागों द्वारा विकास कार्यों पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं। उज्जैन विकास प्राधिकरण की झांकियों में सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित भव्य द्वार, शिप्रा घाटों का विकास, मंदिरों का जीर्णोद्धार, सड़कों और हाईवे निर्माण सहित शहर के समग्र विकास की तस्वीर पेश की गई। स्मार्ट सिटी मिशन, महिला एवं बाल विकास विभाग और कृषि विभाग सहित कई अन्य विभागों की झांकियों ने भी समारोह की शोभा बढ़ाई।
जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
कार्तिक मेला ग्राउंड पर जनसंपर्क विभाग द्वारा विशेष चित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। इसमें मध्यप्रदेश के विकास, निवेश, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं को दर्शाया गया है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी अगले तीन दिनों तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।
मुख्यमंत्री बच्चों के साथ करेंगे भोजन
गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मोहनपुरा विकासखंड स्थित शासकीय हाई स्कूल में आयोजित विशेष भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वे बच्चों के साथ बैठकर भोजन करेंगे और उन्हें अपने हाथों से खाना परोसेंगे।
ट्रैफिक और पार्किंग के विशेष इंतजाम
मुख्य समारोह को देखते हुए शहर में विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। बड़ा पुल से कार्तिक मेला ग्राउंड की ओर दोपहर 12 बजे तक यातायात बंद रहेगा। बड़नगर रोड पर मुरलीपुरा से आगे मार्ग बंद रहेगा और वाहनों को जूना सोमवारिया की ओर मोड़ा जाएगा। चक्रतीर्थ से बड़े पुल की ओर जाने वाला रास्ता भी कार्यक्रम समाप्त होने तक बंद रहेगा। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
देशभक्ति, संस्कृति और विकास का संगम बना उज्जैन
कुल मिलाकर उज्जैन इस बार गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति, सांस्कृतिक विरासत और विकास की झलक के साथ पूरी तरह तैयार नजर आया। शिप्रा तट पर आयोजित यह ऐतिहासिक समारोह शहरवासियों के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस