मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी चेतावनी: ‘विपक्ष जैसा आचरण न करें’, अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने वाली प्रतिमा बागरी को CM का संदेश"

मध्य प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को सरकार के काम पर सवाल उठाने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फटकार लगाई। कैबिनेट बैठक के बाद सीएम ने उन्हें बुलाकर सवाल-जवाब किए और विपक्ष जैसा आचरण न करने की हिदायत दी। प्रतिमा बागरी ने सतना जिले में सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, जिसका वीडियो वायरल हो गया था।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी चेतावनी: ‘विपक्ष जैसा आचरण न करें’, अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने वाली प्रतिमा बागरी को CM का संदेश"

मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपनी ही सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। अपने क्षेत्र में खराब सड़क निर्माण की पोल सार्वजनिक रूप से खोल कर भले ही वह जनहित का हवाला दे रही हों लेकिन जो दिख रहा है, मामला वैसा नहीं है।

भोपाल। प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को अपनी ही सरकार द्वारा किए गए काम पर सवाल उठाने को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फटकार लगाई। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाया सवाल-जवाब किए। राज्य मंत्री के आचरण पर आपत्ति जताते हुए सीएम ने सख्त हिदायत दी कि मंत्री होते हुए विपक्ष जैसा आचरण न करें। इसके बाद वे काफी समय तक सचिव आलोक सिंह के पास बैठी रहीं।

बता दें प्रतिमा बागरी की इस सक्रियता की वजह घटिया सड़क निर्माण नहीं बल्कि जिले में पदस्थ पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से नाराजगी है। यह एक तरह से दबाव बनाने की राजनीति रही। दरअसल, प्रतिमा बागरी कुछ इंजीनियरों को सतना जिले से हटवाना चाहती हैं, उनकी मांग नहीं सुनी गई इसलिए उन्होंने इस घटिया सड़क का मुद्दा सार्वजनिक कर दिया जबकि इस मामले में सड़क निर्माण गुणवत्ताहीन पाए जाने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई पहले ही आरंभ की जा चुकी है।

विपक्ष जैसा आचरण नहीं करें

वहीं, मंगलवार को सीएम मोहन यादव ने राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को तलब कर लिया। उन्होंने राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी से कहा कि आप जिस सड़क पर सवाल उठा रही हैं, उस पर विभाग तो पहले ही कार्रवाई कर चुका है। सूत्रों के मुताबिक सीएम ने उनसे कहा कि आप मंत्री हैं तो ऐसा आचरण ठीक नहीं है।

15 दिसंबर को कर दी थी कार्रवाई

गुणवत्ताहीन कार्य की जानकारी सामने आने के बाद 15 दिसंबर 2025 को अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग उपसंभाग मझगवां ने उपयंत्री सुरेन्द्र सिंह के साथ स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण में किमी 3/10 से 3/4 तक कार्य अमानक मिला, जिसे अमान्य घोषित कर ठेकेदार को मानक स्तर का कार्य दोबारा कराने के निर्देश दिए गए। 19 दिसंबर को कार्यपालन यंत्री (ईई) ने भी उक्त कार्य को निरस्त कर दिया।

पार्टी की ओर से कड़ी कार्रवाई की मांग

ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां नेता भले पार्टी को सर्वोपरि बताएं लेकिन खुद की अहमियत साबित करने के लिए वे व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर देते हैं। पार्टी कड़ी कार्रवाई नहीं करती इसलिए दोहराव भी होता रहता है। बता दें, कुछ दिन पहले प्रतिमा बागरी ने मझगवां के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का निरीक्षण किया था। उन्होंने पैर से ही गिट्टी-डामर हटाकर निर्माण कार्य को गुणवत्ताहीन बता दिया।