भाजपा विधायक के बिगड़े बोल,लेडीज कुत्तों के साथ...', रेणुका चौधरी को लेकर विधायक के शब्दों ने गरमाया माहौल, बढ़ा सियासी पारा

बिहार में भाजपा विधायक प्रमोद कुमार का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी के कुत्ते को संसद ले जाने के संदर्भ में दिए गए इस बयान पर विवाद बढ़ गया है। एक फाउंडेशन ने विधायक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है।

भाजपा विधायक के बिगड़े बोल,लेडीज कुत्तों के साथ...', रेणुका चौधरी को लेकर विधायक के शब्दों ने गरमाया माहौल, बढ़ा सियासी पारा

बिहार के मोतिहारी से 6 बार के भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार ने कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी के संसद में कुत्ता ले जाने पर टिप्पणी करते हुए विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि बहुत सी महिलाएं आत्मसंतुष्टि के लिए कुत्ते के साथ सोती हैं।

पटना| भाजपा विधायक प्रमोद कुमार के विवादित बयान को लेकर एक एनजीओ ने राज्य महिला आयोग में शिकायत की है। पत्र में कहा है कि विधायक ने शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने एनजीओ को आश्वासन दिया कि इस मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि आयोग में विवादित बयान को लेकर आवेदन आया है। उन्होंने बताया कि बयान में कितनी सत्यता है, यह जांच का विषय है। मैंने अभी तक विधायक का बयान नहीं देखा है। अगर किसी महिला के प्रति वीडियो में आपत्तिजनक बात सामने आती है तो मैं संज्ञान लूंगी। इस संबंध में मैं विधायक से भी बात करूंगी।

इस विवाद के जवाब में बीजेपी विधायक प्रमोद कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने पश्चिमी सभ्यता के संदर्भ में पश्चिमी कल्चर के बढ़ते प्रभाव की बात की थी। मेरा किसी महिला का अपमान करने का कोई उद्देश्य नहीं था।

आरजेडी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती ने इस वीडियो को साझा करते हुए भाजपा पर तीखा वार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तभी संतुष्ट होते हैं जब उनके नेता महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करते हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के बड़े-बड़े नेता नारी सम्मान की दुहाई देते हैं, पर उनके विधायक जुबानी हमला कर महिलाओं की गरिमा को तार-तार कर देते हैं।

इस पूरे विवाद ने बिहार विधानसभा परिसर के बाहर माहौल को गर्मा दिया। मामला तूल पकड़ते देख विधायक प्रमोद कुमार को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उनका तर्क था कि उन्होंने महिलाओं को निशाना नहीं बनाया, बल्कि “पाश्चात्य संस्कृति के अत्यधिक प्रभाव” का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा कि मेरे दिल-दिमाग में किसी के अपमान का इरादा नहीं था। संसद लोकतंत्र का मंदिर है। वहां कुत्ता ले जाना अमर्यादित है।

लेकिन सियासत की दुनिया में इरादा कम, असर ज़्यादा देखा जाता है और उनके बयान का असर ऐसा हुआ कि सत्तारूढ़ दल की छवि पर एक और धब्बा जुड़ गया।अब बिहार की राजनीति में बड़ा सवाल यह है कि क्या विधायक की यह ज़बानी फिसलन महज़ एक भूल थी, या सियासी अहंकार का वह चेहरा, जो अक्सर महिलाओं के प्रति घटिया उपमाओं में बदल जाता है?