भोपाल पहुंचे विधायक प्रीतम लोधी: विवादित बयान और IPS धमकी मामले में प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात,पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था

भाजपा विधायक प्रीतम लोधी पार्टी के नोटिस का जवाब देने के लिए भोपाल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की। हाल ही में विवादित बयान और एक आईपीएस अधिकारी को कथित तौर पर धमकाने के मामले में पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस मुलाकात को संगठनात्मक अनुशासन और आगे की कार्रवाई के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

भोपाल पहुंचे विधायक प्रीतम लोधी: विवादित बयान और IPS धमकी मामले में प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात,पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था

नोटिस के बाद बढ़ी सियासी हलचल, संगठन ने मांगा जवाब; कार्रवाई पर टिकी निगाहें

नोटिस के बाद सफाई देने पहुंचे लोधी, संगठन के सामने रखा अपना पक्ष; आगे की कार्रवाई पर नजर

बीजेपी के नोटिस पर जवाब देने भाजपा विधायक प्रीतम लोधी भोपाल पहुंचे, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से की मुलाकात

बीजेपी नोटिस पर विधायक के जवाब के बाद संगठन का रिएक्शन विधायक की विवादित टिप्पणियों को लेकर बढ़ती आलोचना और चिंताओं के बीच, मुद्दे को सुलझाने की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम

पार्टी हमारी परिवार को पार्टी है- लोधी

प्रीतम लोधी ने कहा कि देखिए पार्टी हमारी परिवार की पार्टी है। इस परिवार में हमने जनसंघ, जनता पार्टी और भारतीय जनता पार्टी का हमने सफर तय किया है। हमारे परिवार ने खून पसीने से इसको सींचा है। अब party ने मुझे बुलाया है, party मुझे notice देगी, मैं notice को पढूंगा, फिर notice से जवाब दूंगा। जवाब में party का निर्णय लेती है, तो मैं स्वीकार करूंगा। लेकिन मैं अपनी तरफ़ से एक party से हाथ जोड़कर मैं एक आग्रह और निवेदन करता हूं कि इस case की एक बार कमेटी बनाकर जांच कराई जाए । मैं सौ बात की एक बात कह रहा हूं कि party जो भी निर्णय देगी, मैं हंसते हंसते स्वीकार कर लूंगा।

नोटिस के जवाब पर टिकी सबकी निगाहें

आईपीएस से विवाद के अलावा यह पहला मौका नहीं है जब प्रीतम लोधी अपने बयानों से पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर चुके हों। इससे पहले वे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ टिप्पणी कर भारी विवाद में फंस चुके हैं। तब भी पार्टी ने केवल नोटिस देकर मामला शांत कर दिया था। उनके बयानों से कई बार संगठन को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है, लेकिन हर बार वे कार्रवाई से बच निकलते हैं। फिलहाल सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रीतम लोधी नोटिस का क्या जवाब देते हैं।